Lok Sabha Election 2024: लोक सभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। भरी गर्मी में वोटर्स वोटिंग करने पहुंचेंगे, ऐसे में वोटर्स को गर्मी में लू न लगे इसलिए वोटिंग बूथ पर नींबू पानी और ओआरएस पीने की व्यवस्था रहेगी...पढ़ें कौन से बूथ पर मिलेगी गर्मी में राहत...
Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव में पिंक और मॉडल बूथ बनाए जाएंगे। इन बूथ पर वोट डालने आने वाले मतदाताओं का नींबू पानी व ओआरएस से वेलकम किया जाएगा। रेड कार्पेट भी बिछाया जाएगा। इसके अलावा गर्मी को ध्यान में रखते हुए मतदान केंद्र पर एक दिन पहले पानी के मटके भरकर रखे जाएंगे और छाया के लिए टेंट भी लगाया जाएगा। क्योंकि 7 मई को जिले में भीषण गर्मी रहती है... और इसी दिन यहां मतदान हैं, गर्मी मतदाताओं के कदम नहीं रोके, उसके लिए पहले ही व्यवस्था की जा रही हैं।
मतदान केंद्रों पर गर्भवती महिला, बुजुर्ग व दिव्यांगों का भी ध्यान रखा जाएगा। मतदान केंद्रों पर मतदाता परेशान न हो, उसके लिए कलेक्टर रूचिका चौहान ने अधिकारियों की बैठक ली। इस बैठक में मतदान केंद्रों की तैयारी की समीक्षा की। लोकसभा के लिए 2 हजार 264 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। मतदान केंद्रों के लिए चिह्नित सभी भवनों में रैंप, पेयजल व शौचालय व मरम्मत सहित सभी काम जल्द से जल्द पूर्ण कराने के लिए कहा है। यदि समय-सीमा में यह काम नहीं कराए गए तो संबंधित विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। बिजली वितरण कंपनी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर मतदान केंद्र पर बिजली कनेक्शन देना सुनिश्चित करें।
85 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक एवं दिव्यांग मतदाताओं के घर पर पहुंचकर निर्धारित फॉर्म में यह सहमति लें कि वे घर पर ही वोट डालना चाहते हैं या अपने मतदान केंद्र पर। एनआइसी को भी ड्यूटी आदेश की प्रति दें, जिससे डबल ड्यूटी लगने की शिकायत न रहे। उन्होंने यह भी कहा कि सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी न केवल स्वयं आचार संहिता का पालन करें बल्कि औरों से भी कराएं।
हर सेक्टर अधिकारी के साथ दवाओं की किट सहित चिकित्सक की तैनाती की जाएगी। साथ ही हर मतदान केंद्र पर ओआरएस सहित जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध रहेंगीं। नगर निगम क्षेत्र में बड़े वाहनों के स्थान पर छोटे वाहनों को भेजा जाए। छोटे वाहन तंग गलियों में स्थित मतदान केंद्रों तक आसानी से पहुंचेंगे। मतदान दलों को मतदान सामग्री लेकर ज्यादा दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। मतदान पर्ची भी समय पर पहुंचना चाहिए। वोटिंग प्रतिशत बढ़ाने में इसकी काफी भूमिका होती है। कलेक्टर ने उन हर विधानसभा के 25-25 केंद्रों की सूची मांगी है, जहां पर कम पर्ची का वितरण हुआ था।