
MP Weather: ग्वालियर में 70 साल बाद अक्टूबर माह में 40 घंटे में हुई 4 इंच बारिश से तिघरा डैम का जलस्तर 739.75 फीट पर पहुंच गया। मंगलवार को तिघरा के तीन गेट खोलकर 120 एमसीएफटी पानी सांक नदी में छोड़ा गया और शाम साढ़े सात बजे तीनों गेटों को बंद कर दिया गया। छोड़े गए पानी से 10 दिन तक शहर में सप्लाई हो सकती थी। जलसंसाधन विभाग के एसडीओ वीरेंद्र यादव ने बताया कि इतिहास में पहली बार अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में तिघरा के गेट खोले गए, जबकि 2022 में दूसरे सप्ताह में गेट खोले गए थे।
जिले में लगातार बारिश से सांक नदी के किनारे बसे गांव के लोगों को सतर्क रहने और नदी किनारे न जाने के लिए अलर्ट किया। अगले 48 घंटे के तक ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार 1955 के बाद अब अक्टूबर माह में ऐसा मौसम हो रहा है।
शहर में दो दिन से जारी रिमझिम कभी तेज बारिश के कारण मंगलवार सुबह तिघरा के तीन गेट खोले गए।
बारिश की मार किसानों पर सबसे ज्यादा पड़ी है। हर फसल में भारी नुकसान है। मंगलवार को कृषि विभाग के अधिकारी फसलों के नुकसान का जायजा लेने पहुंचे। फसल लेटने की वजह से 25 से 30त्न नुकसान का अनुमान है। सरसों-चना में भी भारी नुकसान है।