Scindia Family Royal Wedding: शादी के बाद जब पहली बार ससुराल ग्वालियर आई थीं महारानी माधवी राजे सिंधिया तो पूरे शहर में मनी थी दिवाली, स्टेशन से जय विलास पैलेस तक लगाए गए थे पर्दे...
Madhavi Raje Scindia: केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) की मां और सिंधिया घराने की राजमाता माधवी राजे सिंधिया (Rajmata Madhavi Raje Scindia) पंचतत्व में विलीन हो गई हैं लेकिन अभी भी उनकी स्मृतियां लोगों के जहन में जिंदा में हैं। ग्वालियर (Gwalior)के लोगों के मन में राजमाता माधवी राजे सिंधिया के लिए बेहद प्यार और आदर सम्मान है। राजमाता माधवी राजे सिंधिया से जुड़ा एक बेहद खास किस्सा आज हम आपको बता रहे हैं जो उनकी शादी से जुड़ा हुआ है।
नेपाल राजघराने की राजकुमारी किरन राजलक्ष्मी की शादी माधव राव सिंधिया के साथ मई 1966 में हुई थी। शादी का कार्यक्रम दिल्ली में हुआ था जिसमें देश के कई राजघराने और वीआईपी मेहमान वर-वधू को आशीर्वाद देने पहुंचे थे। अब बारी महारानी माधवी राजे सिंधिया के पहली बार अपने ससुराल ग्वालियर आने की थी। नई महारानी के स्वागत के लिए जय विलास पैलेस (Jai Vilas Palace) और पूरा ग्वालियर शहर सजाया गया था। हर कोई महारानी की एक झलक पाने को आतुर था लेकिन उनकी पहली झलक छिपाने के लिए ग्वालियर स्टेशन से लेकर सिंधिया महल (जय विलास पैलेस) तक पर्दे लगाए गए थे।
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पहली बार जब माधवी राजे सिंधिया अपनी ससुराल जय विलास पहुंची थीं तो उनका स्वागत सत्कार किया गया। नवविवाहित जोड़े को सोने की कुर्सियों पर बैठाकर सोने के बर्तनों में खाना परोसा गया था। पूरे शहर में मिठाइयां बांटी गई थीं और हर घर में सिंधिया परिवार की ओर से खाना भेजा गया था।
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