ग्वालियर

ग्वालियर की निहारिका ने बनाई दुनिया की अनोखी पेंटिंग, इंटरनेशनल गिरमिट कॉन्फ्रेंस लंदन में मिला अवॉर्ड

ग्वालियर की निहारिका की ये पेंटिंग अपनी तरह की दुनिया की पहली पेंटिग, इसलिए इंटरनेशनल गिरमिट कॉफ्रेंस में वेल्श पार्लियामेंट में मिला अवॉर्ड।

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इनसेट ग्वालियर की डॉ. निहारिका, निहारिका की एक पेंटिंग जिसमें परिवार के सदस्यों से बिछड़ने का दृश्य दिखाया है।

अब जमाना एआइ (AI) का है। हर ओर इस तकनीक का बोलबाला है। पेंटिंग के क्षेत्र में भी ऐसा नवाचार कर ग्वालियर की डॉ. निहारिका बंसल ने एआइ (AI) से गिरमिट इतिहास (indentured history) पर पेंटिंग बनाई है। डॉ. निहारिका ने बताया, एआइ से बनी गिरमिट इतिहास की ये पेंटिंग विश्व की पहली (World First Painting) है। इसलिए इसे लंदन में हुई इंटरनेशनल गिरमिट कॉफ्रेंस (International Indentured Conference)में अवॉर्ड (Award)दिया।

गिरमिट इतिहास बयां करतीं ग्वालियर की निहारिका ने चार पेंटिंग्स बनाई हैं। उन्हें इसमें दो माह से ज्यादा समय लगा। डॉ. निहारिका फाइन आर्ट कॉलेज (Fine Art College) के चित्रकला विभाग (Drawing Department) में अतिथि विद्वान हैं। महिलाओं-बच्चों की पीड़ा भी दिखाई एक पेंटिंग में गिरमिट महिलाएं बच्चों के साथ दु:ख में दिख रही हैं। परिजनों से बिछुडऩे के गम में हैं।

एक पेटिंग दिखाती है, ब्रिटिश ऑफिसर्स (British Officers) ने किस बेरहमी से गिरमिट लोगों से मजदूरी कराई। गिरमिट लोगों ने जब भारत छोड़ा तब रामायण की कहानियों (Ramayan Stories) के अलावा कुछ और साथ नहीं ले गए थे। इन्हीं कहानियों ने उन्हें बुरे वक्त में जिंदा रहने की प्रेरणा दी। पेंटिंग में वृद्ध गिरमिट लोगों को रामायण सुना रहा है।

डॉ. निहारिका बंसल ने बताया, मैं चाहती थी कि गिरमिट का भूला इतिहास दुनिया तक पहुंचे। यही सब पेंटिंग्स में दर्शाया, क्योंकि इन लोगों को लाखों की संख्या में मजदूरी करने भारत से ले जाया गया था। वहां जाने के बाद इनके पास दोबारा अपने देश आने का कोई रास्ता नहीं था। कई लोग अपने परिवारों से बिछड़ गए। दु:ख की बात यह है कि इनके बारे में आज भी कोई नहीं जानता। इसे दिखाने के लिए मैंने ये पेंटिंग्स बनाईं।

Updated on:
23 May 2024 08:57 am
Published on:
23 May 2024 08:43 am
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