हनुमानगढ़

Rai Singh Dahiya : राजस्थान के किसान राय सिंह दहिया का पेरिस में हुआ सम्मान, कचरे से बिजली बनाने के किए कई नवाचार

Rai Singh Dahiya : राजस्थान के हनुमानगढ़ के थालड़का गांव के साधारण किसान राय सिंह दहिया का फ्रांस की राजधानी पेरिस में सम्मान हुआ। जानिए किस ​कार्य के लिए उन्हें मिला सम्मान।

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Rajasthan farmer Rai Singh Dahiya honored Paris Innovation generate electricity waste
Rai Singh Dahiya : राजस्थान के हनुमानगढ़ के थालड़का गांव के साधारण किसान राय सिंह दहिया (दाएं से दूसरे-क्रीम सूट में)। फोटो सोशल मीडिया अकाउंट X अनिल गुप्ता

Rai Singh Dahiya : राजस्थान के हनुमानगढ़ के थालड़का गांव के एक साधारण किसान एवं जमीनी स्तर के नवप्रवर्तक राय सिंह दहिया को कृषि एवं नगर निगम के कचरे से स्वच्छ ऊर्जा और बिजली बनाने की अभिनव तकनीक विकसित करने के लिए फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित कार्यक्रम मे अंतरराष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया गया। राय सिंह दहिया ने कृषि अवशेष एवं ठोस अपशिष्ट से स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के लिए बायोमास गैसीफायर, स्मोकलेसा बायोमास चूल्हा, बायोचार प्लांट सहित कई नवाचार विकसित किए हैं।

उनकी तकनीक ईंधन लागत में 50 से 60 प्रतिशत तक कमी तथा कार्बन उत्सर्जन में 70 प्रतिशत तक कमी लाने मे सहायक सिद्ध हो रही है। इससे पूर्व राय सिंह दहिया को उनके नवाचारों के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से राष्ट्रीय ग्रास रूट इनोवेशन अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। वह कई बार पुरस्कृत हो चुके हैं।

जानिए कौन हैं राय सिंह दहिया

हरियाणा के पीली मदोरी गांव में जनवरी 1963 में राय सिंह दहिया का जन्म हुआ था। पिता का नाम रणजीत राम दहिया और मां का नाम मणिदेवी था। जन्म के कुछ समय बाद ही पिता अपने परिवार के साथ पैतृक गांव छोड़कर राजस्थान के हनुमानगढ़ के थालड़का गांव में आकर बस गए। थालड़का गांव में माता-पिता ने खेती शुरू की।

बायोमास गैसीफायर विकसित किया

राय सिंह दहिया ने एक कुशल बायोमास गैसीफायर विकसित किया है, जिसमें उन्होंने पारंपरिक डिजाइन, विशेष रूप से फिल्टर और कूलिंग यूनिट में बदलाव करके स्वच्छ गैस प्राप्त की है। जिससे परिचालन लागत पर इंजन का सुचारू संचालन सुनिश्चित होता है। यह एक डाउन ड्राफ्ट प्रकार का बायोमास गैसीफायर है, जो बायोमास को उत्पादक गैस में परिवर्तित करने के लिए एक कॉम्पैक्ट और कुशल प्रणाली है। इस गैस का उपयोग डीजल इंजन में ईंधन के रूप में किया जाता है, जिसके लिए इंजन में थोड़ा सा संशोधन करना पड़ता है।

बायोमास को चारों ओर से बंद भट्टी में जलाया जाता है, जिसमें गैसों को दूसरे कक्ष में भेजने के लिए एक आउटलेट होता है। वहां इन गैसों को ठंडा किया जाता है और फिर फ़िल्टर से गुजारा जाता है। फ़िल्टर की गई गैस को फिर इंजन में डीजल या अन्य ईंधन के विकल्प के रूप में उपयोग की जाती है।

राय सिंह दहिया ने औपचारिक शिक्षा प्राप्त न होने के बावजूद, उपकरणों को खोलकर और उनकी मरम्मत करके तथा रेडियो कार्यक्रमों के माध्यम से विज्ञान और प्रौद्योगिकी का ज्ञान अर्जित किया है।

Updated on:
12 Jun 2026 01:21 pm
Published on:
12 Jun 2026 01:14 pm