कचरा व तारें जलाने से धुंआ बना आफत
संगरिया. कबाडिय़ों द्वारा कचरा व तारें जलाने से निकलता धुंआ लोगों के लिए आफत बना है वहीं पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है। प्रशासन को इस बात की पूरी जानकारी है लेकिन कबाडिय़ों के गोदामों को घनी आबादी से दूर करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया ना ही इन्हें रबड़, खतरनाक कैमिकल वाले कचरे जलाने से रोकने को कहा गया।
जानकारी के अनुसार वार्ड सात व तेरह, कोर्ट रोड पर कबाडियों की दुकानें हैं। कचरे को चुनकर बेकार सामान के साथ तांबा व एल्युमिनियम निकालने के लिए बिजली की तारों को बेधड़क जलाया जाता है। कबाडियों के मुताबिक वे कचरे को अलग-अलग करते हैं और प्रदूषण को नहीं फैलाते। जबकि रहवासियों ने बताया कि कबाड़ जलाने से प्रदूषण फैलता है और कबाडिय़ों को ऐसा करने से रोकने पर भी वे नहीं मानते।
उधर, सड़क पर कबाड़ व अन्य सामान के रखने से सड़कें सिकुड़ गई है। पहले तक इन सड़कों की स्थिति यह थी, कि इनसे ट्रक सहित बड़े वाहन आसानी से गुजर जाते थे। मौजूद अतिक्रमण से हालत ये है कि इनसे छोटे चार पहिया वाहन निकालना ही बेहद मुश्किल हो रहा है। इन्हीं परेशानियों से दोपहिया वाहन चालक गुजरते हैं।
एक ओर का मार्ग तो दुकानदारों ने सामान डालकर प्राय: बंद सा ही कर रखा है। स्थानीय लोग कई बार मंडी समिति सचिव, नपा व ट्रेफिक विभाग से इस संबंध में शिकायतें कर चुके पर सब अंजान बने हैं। टायर पंक्चर, प्रदूषण व जाम जैसी समस्याओं के रुप में खामियाजा लोग भुगत रहे हैं।