चौंकाने वाले परिणामों के पीछे इस बार वोटरों की ज्यादातर स्थानों एवं प्रत्याशियों के बारे में खामोशी एक महत्वपूर्ण कारण माना जा रहा है।
हरदोई. यूपी के निकाय चुनावों के लिए प्रथम चरण में शामिल रहे हरदोई जिले में मतदान 22 नवंबर को सपंन्न हो चुका है। अब मतगणना के लिए एक दिसंबर तक का इंतजार है। इस बीच दलीय और निर्दलीय प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच जीत-हार के गणित को लेकर पोस्ट वार चल रहा है।
यह अलग बात है कि जिस तरह से इस बार हरदोई में निष्पक्ष एवं भयमुक्त वातावरण में मतदान संपन्न हुआ है, जिससे जिले की सात नगर पालिकाओं एवं छह नगर पंचायतों के चुनाव परिणाम कुछ स्थानों पर चौंकाने वाले हो सकते हैं। चौंकाने वाले परिणामों के पीछे इस बार वोटरों की ज्यादातर स्थानों एवं प्रत्याशियों के बारे में खामोशी एक महत्वपूर्ण कारण माना जा रहा है।
ज्ञात हो कि इस बार जिले में मतदान का ओवरआल प्रतिशत 64 फीसदी से अधिक रहा जो कि पिछले चुनावों के मुकाबले ज्यादा है। सबसे अहम बात हरदोई सिटी की रही, जहां पिछले चुनावों के मुकाबले इस बार करीब 10 फीसदी ज्यादा वोट पड़े। इसके पीछे हरदोई जिला प्रशासन की ओर से निकाली गई जागरूकता रैलियां एवं बनाया गया भय मुक्त निष्पक्ष वातावरण को श्रेय मिल रहा है। हर तरफ डीएम शुभ्रा सक्सेना की कार्यशैली की प्रशंसा हो रही है।
डीएम और एसपी की सराहना
वोट प्रतिशत बढ़ने के लिए जिले के लोग डीएम शुभ्रा व एसपी विपिन मिश्रा की सोशल मीडिया से लेकर हर तरफ तारीफ करने के साथ ही मतदान के लिए निष्पक्ष एवं भयमुक्त वातावरण देने के लिए सराहना कर रहे हैं। ऐसे में वोटरों ने बेहद खामोशी के साथ मतदान कर अपना निर्णय सुना दिया था अब उनके निर्णय के पिटारे के खुलने की बारी है ।
नफा-नुकसान के आंकलन में जुटे प्रत्याशी
प्रत्याशी या उनके समर्थक चुनावी ट्रेंड में अपना नफा-नुकसान आंक रहे हैं, लेकिन मतदाता खामोश हैं। उनकी खामोशी के पीछे तूफान का अनुमान लगाया जा रहा है। ध्यान रहे कि हरदोई जिले के 13 निकायों के 243 वार्डों के सदस्य पद के लिए प्रत्याशियों के भाग्य का पिटारा 90 मेजों पर खुलेगा जबकि अध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशियों की किस्मत का परिणाम 115 मेजों पर मतपत्रों की गिनती के बाद आएगा। मतपेटियों में बंद भाग्य के निर्णय का पिटारा अब एक दिसंबर को होने वाली मतगणना पूरी होते ही खुल जाएगा।
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