
Akshay Kumar 104 Degree Fever: बॉलीवुड के खिलाड़ी यानी अक्षय कुमार अपनी फिटनेस और काम को लेकर दीवानगी के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह ने न्यूज एंजेंसी एएनआई को बताया कि फिल्म वेलकम टू द जंगल के एक गाने की शूटिंग के दौरान अक्षय कुमार को 104 डिग्री का तेज बुखार था। इसके बावजूद उन्होंने शूटिंग नहीं रोकी।
अक्षय के फैंस भले ही उनके इस जज्बे की तारीफ कर रहे हों, लेकिन क्या सेहत के लिहाज से ऐसा करना सही है? आइए, डॉ. विपुल अग्रवाल (MBBS, MD, FAGE, CPCDM - फिजिशियन एवं डायबेटोलॉजिस्ट) से और मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) व क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) की रिसर्च से जानते हैं कि इतने तेज बुखार में काम करना कितना भारी पड़ सकता है।
डॉ. अग्रवाल बताते हैं कि हमारे शरीर का नॉर्मल तापमान 98.6 डिग्री के आसपास होता है। जब यह 100 को पार करता है, तो हम कहते हैं कि बुखार है। लेकिन जब थर्मामीटर में बुखार 104 डिग्री पहुंच जाए, तो इसे खतरनाक माना जाता है। इसका साफ मतलब है कि शरीर के अंदर कोई इंफेक्शन चल रहा है और हमारी बॉडी उससे निपटने के लिए पूरी ताकत लगा रही है।
मेयो क्लिनिक की रिपोर्ट कहती है कि 104 डिग्री बुखार में हमारे शरीर के अंदरूनी अंग (जैसे दिल और किडनी) पहले से ही बहुत ज्यादा दबाव में होते हैं। ऐसे में आराम करने के बजाय दौड़-भाग करने से शरीर को ये नुकसान हो सकते हैं;
क्लीवलैंड क्लिनिक की गाइडलाइंस के मुताबिक, बुखार कोई बीमारी नहीं है, बल्कि एक लक्षण है। यह शरीर का एक अलार्म सिस्टम है जो कहता है कि रुको, शरीर में कुछ गड़बड़ है, अब आराम करो। अगर बुखार 105 °F को पार कर जाए और दवाओं से भी कम न हो रहा हो, तो काम करना तो दूर, तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।