
COVID-19 Update: कोरोना वायरस अब पहले जैसी महामारी का रूप भले न रखता हो, लेकिन यह पूरी तरह खत्म भी नहीं हुआ है। यही वजह है कि अगर कई दिनों तक बुखार, खांसी, गले में दर्द या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण बने रहें, तो उन्हें हल्के में नहीं लेना चाहिए।
हाल ही में आंध्र प्रदेश के YSR कडप्पा जिले से कोविड-19 के कुछ नए मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जिले में चार नए कोविड संक्रमित मरीजों की पुष्टि हुई है। इनमें से तीन मरीज होम आइसोलेशन में हैं, जबकि एक मरीज का इलाज अस्पताल के विशेष कोविड वार्ड में किया जा रहा है। सभी मरीजों की पुष्टि RT-PCR जांच के जरिए हुई है।
इसी बीच दो मरीजों की मौत के बाद कोविड को लेकर चिंता बढ़ी। शुरुआती रिपोर्टों में इन मौतों को कोविड से जोड़कर देखा गया था, लेकिन कडप्पा जिला कलेक्टर डॉ. चेरुकुरी श्रीधर ने स्पष्ट किया कि कम से कम एक मरीज की मौत सीधे कोविड-19 की वजह से नहीं हुई। उन्होंने डेक्कन क्रॉनिकल से बातचीत में कहा कि मृतक पहले से हृदय और लिवर संबंधी गंभीर बीमारियों से पीड़ित था और कोविड उसकी मौत का मुख्य कारण नहीं था। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और घबराने की बजाय सतर्क रहने की अपील की।
कलेक्टर ने यह भी बताया कि RIMS अस्पताल में पांच कोविड पॉजिटिव मरीजों का इलाज चल रहा है। सभी मरीजों की लगातार निगरानी की जा रही है और स्वास्थ्य विभाग मानक उपचार प्रोटोकॉल का पालन कर रहा है। इसके अलावा कोविड जैसे लक्षण वाले कुछ अन्य लोगों को भी निगरानी में रखा गया है। उनके रक्त और गले के नमूने जांच के लिए वायरोलॉजी लैब भेजे गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार कोविड-19 के लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। सामान्य लक्षणों में शामिल हैं-
अगर सांस लेने में गंभीर परेशानी, सीने में लगातार दर्द, भ्रम की स्थिति या ऑक्सीजन का स्तर कम होने जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
WHO के अनुसार इन लोगों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है-
WHO के अनुसार संक्रमण का खतरा कम करने के लिए-
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।