
Asthma Attack Symptoms: क्या कभी ऐसा हुआ है कि सीढ़ियां चढ़ते समय अचानक सांस तेज चलने लगे, सीने में जकड़न महसूस हो या रात के बीच में खांसी की वजह से नींद खुल जाए? ज्यादातर लोग इसे मौसम का असर, थकान या सामान्य एलर्जी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर ये दिक्कत बार-बार हो रही है, तो यह अस्थमा के बिगड़ने या अस्थमा (दमा) अटैक आने का शुरुआती संकेत भी हो सकता है।
Mayo Clinic का कहना है कि अस्थमा अटैक अचानक नहीं आता। शरीर पहले ही कुछ संकेत देने लगता है। अगर इन संकेतों को समय रहते पहचान लिया जाए, तो गंभीर स्थिति से काफी हद तक बचा जा सकता है।
Mayo Clinic के अनुसार, जब फेफड़ों की सांस लेने वाली नलियों में सूजन बढ़ जाती है और वे सिकुड़ने लगती हैं, तो सांस लेना मुश्किल हो जाता है। यही स्थिति धीरे-धीरे अस्थमा अटैक का रूप ले सकती है। कई लोगों में यह बदलाव कुछ घंटों या एक-दो दिन पहले से महसूस होने लगता है। इसलिए बार-बार होने वाली छोटी-छोटी परेशानियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
ये लक्षण इस बात का संकेत हो सकते हैं कि अस्थमा नियंत्रण में नहीं है और अटैक का खतरा बढ़ रहा है।
National Heart, Lung, and Blood Institute (NHLBI) के मुताबिक, अस्थमा अटैक अक्सर किसी ट्रिगर के संपर्क में आने के बाद होता है। हर व्यक्ति के ट्रिगर अलग हो सकते हैं।
अगर आपको पता है कि कौन-सी चीज आपके अस्थमा को बढ़ाती है, तो उससे दूरी बनाना काफी मददगार हो सकता है।
American College of Allergy, Asthma and Immunology (ACAAI) के अनुसार, कुछ संकेत ऐसे होते हैं जिन्हें बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर सांस लेने में बहुत ज्यादा कठिनाई हो रही हो। बोलने में परेशानी होने लगे। इनहेलर इस्तेमाल करने के बाद भी राहत न मिले और होंठ या उंगलियां नीली पड़ने लगें। साथ ही सांस इतनी तेज चल रही हो कि सामान्य बातचीत भी मुश्किल लगे। तो तुरंत इमरजेंसी मेडिकल सहायता लेनी चाहिए। ऐसी स्थिति गंभीर अस्थमा अटैक का संकेत हो सकती है।
अस्थमा अटैक को बिल्कुल रोका जा सकता है। क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, भले ही अस्थमा को पूरी तरह जड़ से खत्म नहीं किया जा सकता, लेकिन सही देखभाल और थोड़ी सी सावधानी से इसके खतरनाक अटैक से पूरी तरह बचा जा सकता है। इसके लिए सबसे जरूरी है कि आप डॉक्टर द्वारा बताई गई कंट्रोलर दवाएं बिना नागा नियमित रूप से लें, भले ही आपकी सेहत बेहतर लग रही हो।
अपनी सुरक्षा के लिए रेस्क्यू इनहेलर हमेशा अपने पास रखें और डॉक्टर की मदद से एक अस्थमा एक्शन प्लान जरूर तैयार करें। इसके अलावा, घर को धूल और फफूंद (mold) से मुक्त रखकर साफ-सुथरा रखें और धूम्रपान व उसके धुएं से दूरी बना लें। याद रखें, बिना डॉक्टरी सलाह के कभी भी अपनी दवाएं बंद न करें, यही समझदारी आपको हर मौसम में सुरक्षित और सेहतमंद रखेगी।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।