स्वास्थ्य

Benign Prostatic Hyperplasia: मेयो क्लिनिक से समझिए उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों में क्यों आम हो जाती है यह समस्या

Benign Prostatic Hyperplasia Cause: बढ़ती उम्र में पुरुषों में प्रोस्टेट क्यों बढ़ता है? जानिए मेयो क्लिनिक के अनुसार इसके आसान लक्षण, कारण और बचाव के सही तरीके।
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Jul 08, 2026
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पुरुषों में मिलने वाली प्रोस्टेट ग्रंथि का आकार बढ़ना बेनाइन प्रोस्टेटिक हाइपरप्लासिया है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- freepik)

Benign Prostatic Hyperplasia Symptoms: जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, हमारे दादा-नाना या घर के बुजुर्गों को रात में बार-बार टॉयलेट के चक्कर काटते हुए आपने जरूर देखा होगा। कई बार हम इसे बुढ़ापे का सामान्य असर मानकर छोड़ देते हैं। लेकिन असल में यह एक खास वजह से होता है, जिसे बीपीएच (BPH) यानी बेनाइन प्रोस्टेटिक हाइपरप्लासिया कहते हैं। यह पुरुषों में प्रोस्टेट ग्रंथि का आकार बढ़ना है। मेयो क्लिनिक का कहना है कि यह कोई कैंसर नहीं है, बल्कि उम्र के साथ आने वाला एक ऐसा बदलाव है जिससे लगभग हर पुरुष को कभी न कभी गुजरना ही पड़ता है।

क्या है यह प्रोस्टेट और क्यों परेशान करता है?

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, प्रोस्टेटिक हाइपरप्लासिया (बीपीएच) के कारण प्रोस्टेट ग्रंथि का आकार बढ़ जाता है। हमारे शरीर के भीतर, पेशाब की थैली के ठीक नीचे अखरोट के आकार की एक छोटी सी गांठ जैसी रचना होती है, जिसे प्रोस्टेट कहते हैं। यह सिर्फ पुरुषों में होती है। यह पेशाब की नली इसी के बीच से होकर गुजरती है। 50 साल की उम्र पार करते ही पुरुषों के शरीर में कुछ हार्मोनल बदलाव होने लगते हैं, जिससे इस ग्रंथि का आकार बढ़ने लगता है। अब आप खुद सोचिए, जब यह बड़ी होगी, तो बीच से जा रही पेशाब की नली पर दबाव तो पड़ेगा ही। बस, यहीं से दिक्कतें शुरू हो जाती हैं।

इन लक्षणों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज

  • बार-बार पेशाब आना।
  • अचानक से इतनी तेज पेशाब लगना कि उसे रोक पाना मुश्किल हो जाए।
  • पेशाब की धार का कमजोर होना या रुक-रुक कर आना।
  • टॉयलेट सीट पर बैठने के बाद पेशाब शुरू होने में समय लगना या जोर लगाना।
  • पूरी तरह पेट साफ न होना।

क्यों आम हो जाती है यह समस्या?

मेयो क्लिनिक के अनुसार, इसका सबसे बड़ा कारण है। 40 साल से कम उम्र के पुरुषों में इसके लक्षण बहुत कम दिखते हैं, लेकिन 60 साल से ऊपर के आधे से ज्यादा और 80 साल तक पहुंचते-पहुंचते लगभग 90% पुरुषों में यह समस्या देखने को मिलती है। अगर आपके परिवार में पिता या भाई को यह समस्या रही है, तो आपके इसके घेरे में आने की आशंका बढ़ जाती है। मोटापा, एक्सरसाइज न करना, टाइप-2 डायबिटीज और दिल की बीमारी से पीड़ित पुरुषों में बीपीएच (BPH) होने का खतरा अधिक होता है।

क्या इससे कोई गंभीर खतरा हो सकता है?

वक्त पर ध्यान न देने से यह समस्या बढ़ सकती है। इसकी वजह से अचानक पेशाब का पूरी तरह से रुक जाना (Urinary Retention), यूरिन इन्फेक्शन (UTI), ब्लैडर में पथरी (Stone) होना या किडनी पर बुरा असर पड़ने जैसी दिक्कतें आ सकती हैं। इसलिए, जैसे ही इसके लक्षण दिखें, डॉक्टर से मिलकर सलाह लेना और सही समय पर इलाज या लाइफस्टाइल में बदलाव करना बेहद जरूरी है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Published on:
08 Jul 2026 09:00 am
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