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Delirium: डिलीरियम के कारण रात में भ्रम! ध्यान भटकना और याददाश्त कमजोर होना हो सकता है संकेत, क्लीवलैंड क्लिनिक से समझें कारण

Delirium Symptoms: क्या आपके घर में भी बुजुर्ग अचानक बहकी बातें या रात में बहुत ज्यादा कन्फ्यूजन महसूस करते हैं? जानिए डिलीरियम (Delirium) क्या होता है, इसके मुख्य लक्षण, कारण और इससे बचने के आसान उपाय।
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भारत

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Nidhi Yadav

Jul 07, 2026

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डिलीरियम दिमाग की एक ऐसी अचानक होने वाली स्थिति है, जिसमें इंसान का मानसिक संतुलन बिगड़ जाता है।- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- gemini)

Delirium Cause: अक्सर बढ़ती उम्र में या किसी बीमारी के दौरान लोग अचानक से बहकी-बहकी बातें करने लगते हैं, उनका ध्यान भटकने लगता है या वे अपनों को ही नहीं पहचान पाते। कई बार घर वाले इसे सामान्य भूलने की बीमारी या बुढ़ापे का असर मान लेते हैं। इसे डिलीरियम (Delirium) कहा जाता है। यह दिमाग की एक ऐसी स्थिति है जिसमें इंसान अचानक से बहुत ज्यादा कन्फ्यूज हो जाता है, और हैरान करने वाली बात यह है कि इसके लक्षण अक्सर रात के समय बहुत ज्यादा बढ़ जाते हैं। आइए जानते हैं कि इसके कारण, लक्षण और बचाव के उपाय क्या हैं?

डिलीरियम (Delirium) क्या होता है?

क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, डिलीरियम दिमाग की एक ऐसी अचानक होने वाली स्थिति है, जिसमें इंसान का मानसिक संतुलन बिगड़ जाता है। वह बहुत ज्यादा कन्फ्यूज हो जाता है, उसकी सोचने-समझने की क्षमता कम हो जाती है और वह अपने आसपास के माहौल से पूरी तरह कट जाता है। यह कोई परमानेंट बीमारी नहीं है, बल्कि शरीर या दिमाग में अचानक हुए किसी बड़े बदलाव की वजह से होती है।

डिलीरियम के मुख्य लक्षण

मेयो क्लिनिक के अनुसार, इसके लक्षण अचानक (कुछ घंटों या दिनों के भीतर) शुरू होते हैं और अक्सर रात के समय बहुत ज्यादा बढ़ जाते हैं;

  • भ्रम और कन्फ्यूजन होना।
  • ध्यान न लगा पाना।
  • अजीब चीजें दिखना (Hallucination)।
  • मूड में अचानक बदलाव होना।

डिलीरियम होने के कारण

डिलीरियम खुद कोई बीमारी नहीं है, यह हमेशा किसी न किसी अंदरूनी समस्या की वजह से अचानक ट्रिगर होता है;

इससे बचाव के उपाय

  • मरीज को टाइम और जगह याद दिलाते रहें।
  • भरपूर पानी और सही खाना दें।
  • नींद का माहौल बनाएं।
  • कमरे में रोशनी और पहचान की चीजें रखें।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।