
ब्रूगाडा सिंड्रोम के लक्षण और जोखिम कारक (photo- freepik)
Brugada Syndrome Risk Factors: अगर परिवार में किसी स्वस्थ दिखने वाले व्यक्ति की कम उम्र में अचानक कार्डियक अरेस्ट से मौत हुई हो, या किसी को बिना वजह बार-बार बेहोशी आती हो, तो इसे सिर्फ कमजोरी या थकान समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कुछ मामलों में इसके पीछे Brugada Syndrome नाम की एक दुर्लभ लेकिन गंभीर हृदय संबंधी समस्या हो सकती है।
Mayo Clinic के अनुसार, Brugada Syndrome दिल की नसों में ब्लॉकेज नहीं बल्कि दिल की इलेक्ट्रिकल सिस्टम (Electrical System) से जुड़ा एक विकार है। इसमें दिल की धड़कन अचानक खतरनाक रूप से अनियमित (Arrhythmia) हो सकती है, जिससे कार्डियक अरेस्ट का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि यह बीमारी दुर्लभ है, लेकिन कुछ लोगों में इसका जोखिम दूसरों की तुलना में ज्यादा हो सकता है।
Mayo Clinic और NCBI के अनुसार, Brugada Syndrome कई मामलों में आनुवंशिक (Genetic) होता है। अगर माता-पिता, भाई-बहन या किसी करीबी रिश्तेदार को यह बीमारी रही है या कम उम्र में अचानक हृदय संबंधी मृत्यु हुई है, तो परिवार के अन्य सदस्यों में भी जोखिम बढ़ सकता है।
रिसर्च बताती है कि Brugada Syndrome महिलाओं की तुलना में पुरुषों में अधिक पाया जाता है। Cleveland Clinic के अनुसार, पुरुषों में इस बीमारी के लक्षण ज्यादा स्पष्ट रूप से सामने आ सकते हैं और गंभीर हार्ट रिदम की समस्या का खतरा भी अपेक्षाकृत अधिक होता है।
अगर किसी व्यक्ति को अचानक चक्कर आकर बेहोशी हो जाए और जांच में कोई स्पष्ट कारण न मिले, तो डॉक्टर Brugada Syndrome की संभावना पर भी विचार कर सकते हैं। यह बेहोशी कई बार खतरनाक हार्ट रिदम के कारण होती है।
Mayo Clinic के अनुसार, जिन लोगों में पहले से Brugada Syndrome होता है, उनमें तेज बुखार असामान्य हार्ट रिदम को ट्रिगर कर सकता है। इसलिए ऐसे मरीजों में बुखार को जल्दी नियंत्रित करना जरूरी माना जाता है।
NCBI के अनुसार, कुछ दवाएं या अवैध नशीले पदार्थ (Illicit Drugs) Brugada Syndrome वाले लोगों में खतरनाक हार्ट रिदम को बढ़ावा दे सकते हैं। इसलिए डॉक्टर की सलाह के बिना कोई नई दवा शुरू करना या बंद करना सही नहीं है।
Brugada Syndrome वाले हर व्यक्ति में लक्षण नहीं होते। लेकिन अगर ये समस्याएं बार-बार हों, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है-
Mayo Clinic के अनुसार, Brugada Syndrome की पहचान अक्सर ECG (Electrocardiogram) से की जाती है, हालांकि कुछ मामलों में अतिरिक्त जांच और जेनेटिक टेस्ट की भी जरूरत पड़ सकती है। Cleveland Clinic का कहना है कि जिन लोगों के परिवार में इस बीमारी का इतिहास है, उन्हें समय रहते कार्डियोलॉजिस्ट से सलाह लेकर जांच करानी चाहिए। वहीं NCBI के अनुसार, समय पर पहचान और सही इलाज से इस बीमारी से होने वाली गंभीर जटिलताओं, जैसे अचानक कार्डियक अरेस्ट, के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसलिए अगर परिवार में ऐसी कोई मेडिकल हिस्ट्री रही है या ऊपर बताए गए लक्षण दिखाई देते हैं, तो जांच करवाने में देरी न करें।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
07 Jul 2026 04:47 pm
Published on:
07 Jul 2026 04:47 pm
