Black Women Higher Cancer Risk : काली महिलाओं में कैंसर का रिस्क अधिक…। जेएएमए ओनकोलॉजी जर्नल (Journal of Clinical Oncology) में प्रकाशित एक शोध में ये बात सामने आ चुकी है। ब्रेस्ट कैंसर से काली महिलाओं के मरने का रिस्क अधिक है। आइए, कैंसर एक्सपर्ट डॉ. जयेश शर्मा से समझते हैं इसके बारे में।
Black Women Higher Cancer Risk : काली महिलाओं में कैंसर का रिस्क अधिक…। ये सुनने में भले अटपटा लगे, पर जेएएमए ओनकोलॉजी जर्नल (Journal of Clinical Oncology) में प्रकाशित एक शोध में ये बात सामने आ चुकी है। इसके अनुसार, ट्रिपल नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर (टीएनबीसी) से ग्रसित काली महिलाओं की जान जाने की संभावना इसी बीमारी से ग्रसित गोरी महिलाओं की तुलना में 28 प्रतिशत अधिक होती है। यूएस में महिलाओं को मारने वाला ये दूसरा सबसे बड़ा कैंसर है।
वहीं, इस शोध में ये भी बताया गया कि इंग्लैंड में देखने को मिला कि काली महिलाओं में गोरी महिलाओं की तुलना में लास्ट स्टेज के ब्रेस्ट कैंसर होने की संभावना डबल होती है।
इस शोध से टीएनबीसी और अफ्रीकी मूल के लोगों के बीच जेनेटिक लिंक का पता चल पाया। 2050 तक ब्रेस्ट कैंसर के मामले 3.5 मिलियन तक होने की संभावना है। ऐसे में काली महिलाओं के लिए ये और भी बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बन सकता है।
बीबीसी के साथ 2022 में बातचीत में विल कार्नेल मेडिसिन से जुड़ी डॉ. लीजा न्यूमैन ने बताया जो कि अफ्रीका के अलग-अलग क्षेत्रों में महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर पर शोध के एक अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट का हिस्सा रहीं। वो कहती हैं कि टीएनबीसी घाना जैसे पश्चिमी सब-सहारा अफ्रीकी के देशों की महिलाओं में अधिक पाया जाता है। इसके पीछे के कारण को लेकर बताती हैं कि यहां की महिलाओं के जीन पर मलेरिया जैसे खतरनाक वायरस से लड़ते रहना का प्रभाव पड़ा हो और पीढ़ी दर पीढ़ी ये विकसित हुए हों।
ब्रेस्ट कैंसर पर खास वीडियो
'मास जनरल ब्रिघम' (Mass General Brigham) के शोधकर्ताओं (2024) ने बताया, स्तन कैंसर (Breast Cancer) गोरी महिलाओं की तुलना में काली (Black) महिलाओं की मृत्यु की संभावना लगभग 40% अधिक होती है, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं था कि क्या यह असमानता स्तन कैंसर के सभी प्रकारों में मौजूद है।
कैंसर सर्जन डॉ. जयेश शर्मा ने बताया कि शोध तो किसी ना किसी बिंदु पर होते रहते हैं। काली महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के अधिक चांसेज का मतलब ये बता रहा है कि इन महिलाओं को अधिक सचेत रहने की जरुरत है। साथ ही इसके अलावा भी महिलाओं को इस कैंसर को लेकर जागरूक रहना चाहिए। समय-समय पर जांच कराते रहना चाहिए ताकि कैंसर से बचे रहें।