स्वास्थ्य

किन लोगों में Brain Clot का खतरा ज्यादा होता है? Cleveland Clinic से जानिए बड़े Risk Factors

Blood Clot in Brain: क्या हाई BP, डायबिटीज या धूम्रपान से Brain Clot का खतरा बढ़ता है? Cleveland Clinic के अनुसार जानिए 7 बड़े जोखिम, शुरुआती संकेत और बचाव के आसान उपाय।
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Updated: 10 Jul 2026, 5:13 PM IST
Brain Clot Brain Clot Risk Factors Ischemic Stroke
Brain Clot का खतरा उम्र के साथ बढ़ता है (photo- freepik)

Brain Clot Risk Factors: अगर किसी व्यक्ति का एक हाथ या पैर अचानक काम करना बंद कर दे, बोलने में दिक्कत होने लगे या चेहरा एक तरफ झुक जाए, तो इसे सिर्फ कमजोरी या थकान समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार ये संकेत ब्रेन क्लॉट (Brain Clot) या इस्केमिक स्ट्रोक (Ischemic Stroke) के हो सकते हैं। समय पर इलाज मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है और स्थायी नुकसान का खतरा भी कम हो सकता है।

Cleveland Clinic के अनुसार, इस्केमिक स्ट्रोक तब होता है जब दिमाग तक खून पहुंचाने वाली किसी धमनी में खून का थक्का (Blood Clot) बन जाता है या कोई थक्का जाकर उसे बंद कर देता है। इससे मस्तिष्क के उस हिस्से तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती और ब्रेन सेल्स को नुकसान होने लगता है। वहीं Max Healthcare के अनुसार, कुछ लोगों में जीवनशैली, पहले से मौजूद बीमारियां और उम्र की वजह से ब्रेन क्लॉट का खतरा अधिक हो सकता है।

किन लोगों में Brain Clot का खतरा ज्यादा होता है?

  1. हाई ब्लड प्रेशर वाले लोग

विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर रहने से रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचता है और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। अगर आपका ब्लड प्रेशर लगातार बढ़ा रहता है, तो उसे नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है।

  1. डायबिटीज के मरीज

ब्लड शुगर लंबे समय तक बढ़ी रहने से रक्त वाहिकाएं प्रभावित होती हैं। इससे खून का थक्का बनने और स्ट्रोक का जोखिम बढ़ सकता है।

  1. धूम्रपान और तंबाकू का सेवन करने वाले

Cleveland Clinic के अनुसार, सिगरेट और तंबाकू रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं और खून के थक्के बनने की संभावना बढ़ा सकते हैं।

  1. दिल की बीमारी या Atrial Fibrillation वाले मरीज

अगर दिल की धड़कन अनियमित रहती है (Atrial Fibrillation), तो दिल में थक्का बनने का खतरा बढ़ सकता है। यह थक्का दिमाग तक पहुंचकर स्ट्रोक का कारण बन सकता है।

  1. हाई कोलेस्ट्रॉल वाले लोग

रक्त वाहिकाओं में चर्बी (Plaque) जमा होने से खून का प्रवाह कम हो सकता है और थक्का बनने का खतरा बढ़ जाता है।

  1. मोटापा और शारीरिक गतिविधि की कमी

जिन लोगों का वजन ज्यादा है और जो नियमित व्यायाम नहीं करते, उनमें हाई बीपी, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं, जो आगे चलकर स्ट्रोक का जोखिम बढ़ाती हैं।

  1. बढ़ती उम्र और पारिवारिक इतिहास

उम्र बढ़ने के साथ स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ता है। अगर परिवार में पहले किसी को स्ट्रोक या हृदय रोग रहा है, तो जोखिम सामान्य से अधिक हो सकता है।

Brain Clot के शुरुआती संकेत क्या हो सकते हैं?

अगर अचानक इनमें से कोई लक्षण दिखे, तो तुरंत इमरजेंसी मेडिकल मदद लें-

  • चेहरा एक तरफ झुक जाना
  • एक हाथ या पैर में अचानक कमजोरी या सुन्नपन
  • बोलने या समझने में कठिनाई
  • अचानक धुंधला या कम दिखाई देना
  • तेज सिरदर्द
  • चलने में संतुलन बिगड़ना या चक्कर आना

FAST (Face, Arm, Speech, Time) नियम याद रखने की सलाह देते हैं। यानी चेहरा, हाथ और बोलने में बदलाव दिखे तो समय गंवाए बिना अस्पताल पहुंचें।

Brain Clot से बचने के लिए क्या करें?

  • ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर नियंत्रित रखें।
  • धूम्रपान और तंबाकू से दूरी बनाएं।
  • संतुलित भोजन करें और नमक कम लें।
  • रोज कम से कम 30 मिनट शारीरिक गतिविधि करें।
  • डॉक्टर की सलाह के अनुसार कोलेस्ट्रॉल और हृदय संबंधी दवाएं नियमित लें।

यदि Atrial Fibrillation या हृदय रोग है, तो नियमित फॉलो-अप कराते रहें।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
10 Jul 2026, 5:13 PM IST
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