स्वास्थ्य

Cancer Causing Dye in Roasted Chickpeas: आपका पसंदीदा भुना चना बन सकता है कैंसर की वजह! सच जानकर रह जाएंगे दंग

Cancer-Causing Dye in Roasted Chickpeas: बाजार में बिकने वाले भुने चनों में Auramine जैसी खतरनाक डाई की मिलावट का खुलासा। यह केमिकल कैंसर, लिवर और किडनी डैमेज का कारण बन सकता है। सावधान रहें।
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Updated: 27 Nov 2025, 9:24 AM IST
Cancer Causing Dye in Roasted Chickpeas
Cancer Causing Dye in Roasted Chickpeas (photo- geimi ai)

Cancer-Causing Dye in Roasted Chickpeas: आजकल बाजार में खाने-पीने की चीजों में मिलावट का खेल इतना बढ़ गया है कि रोजमर्रा की साधारण चीजें भी अब सुरक्षित नहीं रहीं। दूध, मसाले, घी इनमें मिलावट की खबरें तो अक्सर सुनने को मिलती रहती हैं, लेकिन अब एक नई और बेहद खतरनाक मिलावट सामने आई है, जिसने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने स्वास्थ्य मंत्री और फूड प्रोसेसिंग मंत्री को पत्र लिखकर बताया है कि बाजार में बिकने वाले भुने चनों में औरामाइन (Auramine) नामक खतरनाक केमिकल मिलाया जा रहा है, जो सीधे-सीधे स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।

औरामाइन क्या होता है?

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, औरामाइन एक पीले रंग की सिंथेटिक डाई है, जिसका इस्तेमाल टेक्सटाइल, चमड़ा, कागज और अन्य औद्योगिक चीजों में किया जाता है। यह पानी में आसानी से घुल जाती है और वस्तुओं को बहुत चमकीला पीला रंग देती है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह एक संभावित कार्सिनोजन (Cancer-causing chemical) है। WHO की एजेंसी IARC ने इसे उन केमिकल्स की लिस्ट में रखा है जो कैंसर का कारण बन सकते हैं। इसलिए इसका इस्तेमाल किसी भी खाद्य पदार्थ में पूरी तरह प्रतिबंधित है।

भुने चनों में इसे क्यों मिलाया जा रहा है?

मार्केट में भुने चनों को ज्यादा चमकदार, पीला और कुरकुरा दिखाने के लिए कुछ विक्रेता इस सस्ती इंडस्ट्रियल डाई का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे चने देखने में आकर्षक लगते हैं, बिकते ज्यादा हैं और मुनाफा भी बढ़ता है।
सोशल मीडिया पर कई लोग ऐसे चनों के सैंपल दिखाकर दावा कर रहे हैं कि इसमें औरामाइन की मिलावट की जा रही है।

सेहत पर कितना खतरनाक असर?

अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक औरामाइन मिले चनों या अन्य खाद्य पदार्थों का सेवन करे, तो इसके कई गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं कैंसर का खतरा बढ़ता है, साथ ही लिवर, किडनी ब्लैडर (मूत्राशय) में कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है, क्योंकि यह केमिकल शरीर में जमा होकर कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है। लंबे समय में यह दिमाग और नर्वस सिस्टम की कोशिकाओं को कमजोर कर सकता है, जिससे थकान, कमजोरी, चक्कर या सुन्नपन जैसे लक्षण हो सकते हैं। रिसर्च बताती हैं कि लगातार इस तरह के टॉक्सिक फूड्स खाने से शरीर में टॉक्सिसिटी बढ़ती है, जिससे कई ऑर्गन्स में सूजन
टेंपररी डैमेज या स्थायी नुकसान हो सकता है।

क्या करें?

हमेशा विश्वसनीय और ब्रांडेड कंपनियों के भुने चने खरीदें। बहुत अधिक चमकीले, ज्यादा पीले या असामान्य रंग वाले चने देखने में आकर्षक लगते हों, तो सावधान रहें। यदि शक हो तो ऐसे चने बिल्कुल न खाएं।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
27 Nov 2025, 9:24 AM IST
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