स्वास्थ्य

Cancer Enzyme Discovery: आखिर क्यों अचानक बेकाबू हो जाता है कैंसर? वैज्ञानिकों ने ढूंढ निकाला वो खतरनाक स्विच!

Cancer Enzyme Discovery: वैज्ञानिकों ने कैंसर से जुड़ी चौंकाने वाली खोज की है। एक खास एंजाइम DNA तोड़कर कैंसर को तेजी से बढ़ाता है। जानें रिसर्च क्या कहती है और क्यों है यह खोज महत्वपूर्ण।
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Feb 16, 2026
Cancer Enzyme Discovery
Cancer Enzyme Discovery (photo- gemini ai)

Cancer Enzyme Discovery: कैंसर से जुड़ी एक बड़ी वैज्ञानिक खोज सामने आई है, जिसने यह समझने में मदद की है कि कुछ कैंसर इतने तेजी से खतरनाक क्यों बन जाते हैं। वैज्ञानिकों ने एक ऐसे एंजाइम की पहचान की है, जो कोशिकाओं के डीएनए को बुरी तरह तोड़कर उन्हें तेजी से बदलने और इलाज से बचने की क्षमता दे देता है।

यह शोध अमेरिका के University of California San Diego के वैज्ञानिकों ने किया है और इसे मेडिकल साइंस में बड़ी सफलता माना जा रहा है।

आखिर क्या होता है क्रोमोथ्रिप्सिस?

वैज्ञानिकों ने जिस प्रक्रिया पर ध्यान दिया, उसे क्रोमोथ्रिप्सिस कहा जाता है। आसान भाषा में समझें तो इसमें एक क्रोमोसोम अचानक कई टुकड़ों में टूट जाता है और फिर गलत क्रम में जुड़ जाता है। इस गड़बड़ जुड़ाव से कैंसर कोशिकाएं बहुत तेजी से बदलती हैं और इलाज का असर कम हो जाता है। सामान्य तौर पर कैंसर धीरे-धीरे बदलता है, लेकिन इस प्रक्रिया में एक ही बार में सैकड़ों बदलाव हो सकते हैं। रिसर्च के अनुसार करीब हर चार में से एक कैंसर में यह समस्या देखी जाती है। हड्डी के आक्रामक कैंसर और कई ब्रेन ट्यूमर में यह और ज्यादा आम है।

वैज्ञानिकों ने क्या नया खोजा?

इस स्टडी के मुख्य वैज्ञानिक Don Cleveland के अनुसार अब तक यह पता नहीं था कि क्रोमोसोम टूटना शुरू कैसे होता है। रिसर्च में पता चला कि N4BP2 नाम का एक एंजाइम डीएनए को काट देता है और यहीं से पूरी गड़बड़ी शुरू होती है। कोशिका विभाजन के दौरान कभी-कभी क्रोमोसोम छोटे कमजोर थैलों (माइक्रोन्यूक्लियस) में फंस जाते हैं। जब ये थैले फटते हैं, तो N4BP2 अंदर जाकर डीएनए को टुकड़ों में काट देता है। वैज्ञानिक Ksenia Krupina के मुताबिक प्रयोगों में जब इस एंजाइम को हटाया गया तो क्रोमोसोम टूटना काफी कम हो गया। वहीं इसे ज्यादा सक्रिय करने पर स्वस्थ कोशिकाओं में भी डीएनए टूट गया।

आक्रामक ट्यूमर से क्या संबंध?

शोध में हजारों कैंसर जीनोम का विश्लेषण किया गया। जिन ट्यूमर में N4BP2 ज्यादा सक्रिय था, उनमें डीएनए की गड़बड़ी और कैंसर की आक्रामकता ज्यादा देखी गई। इन ट्यूमर में एक्स्ट्रा-क्रोमोसोमल डीएनए (ecDNA) भी ज्यादा पाया गया, जो कैंसर को तेजी से बढ़ने और दवाओं से बचने में मदद करता है। इसी वजह से National Cancer Institute और Cancer Research UK ने इस विषय को बड़ी रिसर्च चुनौती माना है।

इलाज में क्या फायदा हो सकता है?

यह खोज इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अब वैज्ञानिकों को पता चल गया है कि डीएनए टूटने की शुरुआत कहां से होती है। अगर भविष्य में इस एंजाइम को नियंत्रित करने वाली दवाएं बन जाती हैं, तो कैंसर को तेजी से बदलने और इलाज से बचने से रोका जा सकता है। यह रिसर्च UC San Diego Moores Cancer Center सहित कई संस्थानों और University of Cambridge व Wellcome Trust Sanger Institute के वैज्ञानिकों के सहयोग से की गई।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
16 Feb 2026 05:57 pm
Published on:
16 Feb 2026 05:57 pm
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