
WHO Cancer Report: WHO की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले सालों में कैंसर की बीमारी बहुत तेजी से पैर पसारने वाली है। हालत यह होने वाली है कि साल 2050 तक दुनिया भर में हर साल कैंसर के करीब 3.5 करोड़ (35 मिलियन) नए मामले सामने आ सकते हैं। अगर आज के आंकड़ों से तुलना करें, तो यह संख्या लगभग दोगुनी होने जा रही है। यह अलर्ट हम सभी के लिए एक खतरे की घंटी है। आइए बहुत ही आसान शब्दों में समझते हैं कि WHO ने इस रिपोर्ट में क्या कहा है और कैंसर के इतने तेजी से बढ़ने के पीछे कौन से बड़े कारण हैं।
WHO और मेडिकल एक्सपर्ट्स ने इस रिपोर्ट में किसी एक वजह को नहीं, बल्कि हमारे बदलते रहन-सहन और पर्यावरण को इसका जिम्मेदार माना है। इसके 3 सबसे बड़े कारण ये हैं;
कैंसर बढ़ने की सबसे पहली और बड़ी वजह है तंबाकू का बढ़ता इस्तेमाल। चाहे वो सिगरेट-बीड़ी पीना हो या गुटखा चबाना, यह हमारे शरीर के अंदर कैंसर की कोशिकाओं को सबसे तेजी से बुलावा देता है।
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों का खानपान बहुत खराब हो चुका है। पैकेज्ड फूड, ज्यादा ऑयली खाना और शारीरिक मेहनत न करने की वजह से मोटापा तेजी से बढ़ रहा है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मोटापा सीधे तौर पर कई तरह के कैंसर का खतरा बढ़ा देता है।
बीएमजे ऑन्कोलॉजी के अनुसार, हम जिस हवा में सांस ले रहे हैं, वो दिन-ब-दिन जहरीली होती जा रही है। गाड़ियों और फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआं और हवा में मौजूद खराब कण हमारे फेफड़ों को सीधे नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे फेफड़ों के कैंसर के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं।
WHO ने इस रिपोर्ट में एक और चिंताजनक बात कही है। कैंसर का सबसे ज्यादा शिकार गरीब या मध्यम वर्ग के देशों के लोग होंगे। वजह यह है कि अमीर देशों में कैंसर की जांच और इलाज की आधुनिक सुविधाएं आसानी से मिल जाती हैं, जबकि गरीब देशों में लोग समय पर जांच भी नहीं करवा पाते। सही समय पर इलाज न मिलने के कारण वहां मौतों का आंकड़ा भी ज्यादा तेजी से बढ़ेगा।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।