स्वास्थ्य

खुशखबरी! नासा ने अंतरिक्ष में भेजी थी Cancer की पुरानी दवा, वापस लौटी तो बन गई सुपर मेडिसिन!

Cancer Treatment Breakthrough: NASA और ISS की मदद से बनी कैंसर दवा Keytruda का नया रूप। अब पेम्ब्रोलिज़ुमैब का इलाज सिर्फ 1 मिनट में संभव।

2 min read
Jan 12, 2026
Cancer Treatment Breakthrough (photo- gemini ai)

Cancer Treatment Breakthrough: सोचिए, एक कैंसर मरीज को इलाज के लिए घंटों अस्पताल में बैठकर नस में ड्रिप लगवानी पड़ती है। सालों से पेम्ब्रोलिज़ुमैब (Pembrolizumab) नाम की कैंसर दवा देने का यही तरीका था। लेकिन अब इसमें बड़ा बदलाव आ गया है। वैज्ञानिकों ने इस दवा की बनावट (क्रिस्टल स्ट्रक्चर) में ऐसा सुधार किया है कि अब इसे सिर्फ एक मिनट के इंजेक्शन के ज़रिए त्वचा के नीचे दिया जा सकता है।

इस कमाल की खोज के पीछे फार्मा कंपनी Merck, NASA और इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) की साझेदारी है। Merck ने कैंसर की मशहूर दवा Keytruda में इस्तेमाल होने वाले पेम्ब्रोलिज़ुमैब के क्रिस्टल्स को अंतरिक्ष में उगाया।

ये भी पढ़ें

हर 5 में से 1 इंसान को Cancer का खतरा! WHO की चेतावनी, कैंसर सर्जन से जानें बचने के उपाय

अंतरिक्ष में दवा क्यों भेजी गई?

दरअसल, अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण (gravity) नहीं होता। ऐसे माहौल में दवाओं के क्रिस्टल जमीन से अलग तरीके से बनते हैं। ISS पर पेम्ब्रोलिज़ुमैब के क्रिस्टल ज्यादा समान, मजबूत और स्थिर बने। धरती पर जहां क्रिस्टल टेढ़े-मेढ़े और असमान बनते थे, वहीं अंतरिक्ष में बने क्रिस्टल एक जैसे और साफ दिखे। 2017 में यूरोपियन स्पेस एजेंसी के एस्ट्रोनॉट थॉमस पेस्के जैसे अंतरिक्ष यात्रियों ने इन प्रयोगों को अंजाम दिया। UV इमेज में साफ दिखा कि पृथ्वी पर बने सैंपल्स गुथे हुए और अनियमित थे, जबकि अंतरिक्ष में बने क्रिस्टल बिल्कुल बराबर आकार के थे। इस जानकारी की मदद से वैज्ञानिकों ने धरती पर भी वैसी ही क्रिस्टल संरचना तैयार कर ली।

मरीजों के लिए क्यों है ये बड़ी राहत

इस खोज की वजह से दवा का ऐसा नया रूप तैयार हुआ, जिसे नस में धीरे-धीरे चढ़ाने की बजाय त्वचा के नीचे इंजेक्शन के रूप में दिया जा सकता है। सितंबर 2025 में US FDA ने इस नए सबक्यूटेनियस (Subcutaneous) वर्जन को मंजूरी दे दी। पहले यह इलाज 2 घंटे तक चलता था, बाद में इसे 30 मिनट किया गया, लेकिन अब सिर्फ 1 मिनट में हर तीन हफ्ते में एक इंजेक्शन काफी है।

इससे क्या फायदे होंगे?

  • मरीजों को अस्पताल में कम समय बिताना पड़ेगा
  • इलाज का खर्च कम होगा
  • डॉक्टरों और नर्सों का समय बचेगा
  • मरीज की रोजमर्रा की जिंदगी पर कम असर पड़ेगा

पेम्ब्रोलिजुमैब क्या करता है?

यह एक मोनोक्लोनल एंटीबॉडी है, जो शरीर की इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाकर कैंसर कोशिकाओं पर हमला करने में मदद करती है। इसका इस्तेमाल मेलानोमा, फेफड़ों के कैंसर समेत कई तरह के कैंसर में होता है।

अंतरिक्ष से धरती तक फायदा

Merck साल 2014 से ISS पर ऐसे प्रयोग भेज रही है। यह खोज साबित करती है कि अंतरिक्ष में की गई रिसर्च सीधे धरती पर मरीजों की जिंदगी आसान बना सकती है। आज अंतरिक्ष में उगे क्रिस्टल लाखों कैंसर मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण बन चुके हैं।

ये भी पढ़ें

चुपके से Cancer को खत्म कर रही है आपकी शुगर की दवा? जानें रिसर्च में क्या हुआ खुलासा

Published on:
12 Jan 2026 03:52 pm
Also Read
View All

अगली खबर