स्वास्थ्य

Carcinophobia: कैंसर नहीं है फिर भी हर वक्त बीमारी का डर, मेयो क्लिनिक ने बताया कैसे संभालें और क्या होता है कार्सिनोफोबिया

Carcinophobia Cause: कैंसर न होने पर भी हर वक्त बीमारी का डर क्यों सताता है? जानें मेयो क्लिनिक और नेचर स्टडी के अनुसार कार्सिनोफोबिया क्या है, इसके लक्षण, कारण और इस डर से बाहर निकलने के तरीके।
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Oct 08, 2026
Anxious person looking stressed about health and cancer fear
कैंसर नहीं है फिर भी हर वक्त बीमारी का डर क्यों लगता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Carcinophobia Symptoms: शरीर में हल्का सा दर्द, त्वचा पर कोई छोटा सा निशान या शरीर के किसी हिस्से में मामूली सूजन आते ही क्या आपके मन में भी सबसे पहला ख्याल कैंसर का आता है? अगर डॉक्टर की तमाम जांचों और रिपोर्ट्स में सब कुछ नॉर्मल आने के बाद भी आपके दिमाग से कैंसर का डर नहीं निकलता, तो आप अकेले नहीं हैं। दुनिया भर में लाखों लोग इस गंभीर मानसिक और भावनात्मक दौर से गुजर रहे हैं। कैंसर होने के इस डर को कार्सिनोफोबिया (Carcinophobia) कहा जाता है। कार्सिनोफोबिया एक ऐसा मानसिक डर है जो किसी इंसान की मानसिक शांति, नींद और सामान्य जीवन को पूरी तरह से तहस-नहस कर सकता है। आइए, समझते हैं कि कार्सिनोफोबिया क्या होता है, यह क्यों होता है और इससे कैसे बाहर निकला जा सकता है।

क्या होता है कार्सिनोफोबिया?

जर्नल 'नेचर' (Nature) में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, कार्सिनोफोबिया का मतलब है 'कैंसर होने का अत्यधिक और अस्वाभाविक डर'। इसमें व्यक्ति को हर वक्त यही चिंता सताती रहती है कि उसे कैंसर है या भविष्य में कभी न कभी जरूर हो जाएगा। यह डर सिर्फ उन्हीं लोगों को नहीं सताता जिन्हें कभी कोई बीमारी नहीं हुई, बल्कि उन लोगों में भी बहुत ज्यादा देखा जाता है जो पहले कैंसर से जंग जीत चुके हैं। कैंसर से ठीक हो चुके मरीजों में बीमारी के दोबारा वापस लौटने के डर को 'फियर ऑफ कैंसर रिकरेंस' (Fear of Cancer Recurrence) कहा जाता है। मेयो क्लिनिक के मुताबिक, कैंसर से पूरी तरह ठीक हो चुके लगभग हर मरीज के मन में कभी न कभी यह डर जरूर सिर उठाता है।

कार्सिनोफोबिया के मुख्य कारण

मेयो क्लिनिक के अनुसार, किसी इंसान के मन में कैंसर का यह डर बैठने के पीछे कई मुख्य कारण हो सकते हैं;

  • परिवार या करीबी को कैंसर होना।
  • इंटरनेट पर आधी-अधूरी जानकारी पढ़ना।
  • कैंसर से जंग जीत चुके लोग।
  • एंग्जायटी या पैनिक डिसऑर्डर।

कार्सिनोफोबिया के मुख्य लक्षण

जब यह डर मन पर हावी होता है, तो व्यक्ति में ये लक्षण देखने को मिलते हैं;

  • एक डॉक्टर की रिपोर्ट नॉर्मल आने के बावजूद संतुष्ट न होना और बार-बार नए डॉक्टरों के पास चक्कर लगाना।
  • जरूरत से ज्यादा मेडिकल टेस्ट कराना।
  • शरीर की लगातार जांच करते रहना।
  • अस्पताल या मरीज की खबरों से भागना।
  • नींद न आना और चिड़चिड़ापन।

इस डर से बाहर निकलने के उपाय

मेयो क्लिनिक के विशेषज्ञों का मानना है कि इस डर को दबाने के बजाय इसे सही तरीके से संभालना जरूरी है;

  • इंटरनेट पर बीमारियों की खोज बंद करें।
  • डॉक्टर की बात पर भरोसा रखें।
  • अपने मन की बात अपनों से साझा करें।
  • माइंडफुलनेस और योग का सहारा लें।
  • काउंसलर या थेरेपिस्ट से मदद लें।
डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
08 Oct 2026 02:56 pm
Published on:
08 Oct 2026 02:56 pm