
Cataract Symptoms: क्या आपको रात में गाड़ी चलाते समय सामने की रोशनी चुभने लगी है? या पढ़ते समय बार-बार चश्मे का नंबर बदलवाने की जरूरत महसूस होती है? ज्यादातर लोग इसे बढ़ती उम्र का सामान्य असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कई बार ये मोतियाबिंद (Cataract) के शुरुआती संकेत भी हो सकते हैं।
Mayo Clinic और National Eye Institute (NEI) के अनुसार, मोतियाबिंद एक ऐसी स्थिति है जिसमें आंख के प्राकृतिक लेंस (Lens) पर धुंधलापन आ जाता है। इससे देखने की क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है। अच्छी बात यह है कि समय पर पहचान और इलाज से ज्यादातर लोग फिर से साफ देख सकते हैं।
अगर आपको ऐसा महसूस हो कि आंखों के सामने हमेशा हल्का धुंधलापन है या साफ चीजें भी धुंधली दिख रही हैं, तो यह मोतियाबिंद का शुरुआती संकेत हो सकता है।
Mayo Clinic के अनुसार, मोतियाबिंद होने पर रात के समय गाड़ी चलाना या कम रोशनी में काम करना मुश्किल हो सकता है।
अगर बल्ब, गाड़ी की हेडलाइट या तेज धूप पहले से ज्यादा चुभने लगे, तो इसे नजरअंदाज न करें।
कुछ लोगों को एक आंख से देखने पर एक ही वस्तु दो-दो दिखाई देने लगती है। यह भी मोतियाबिंद का संकेत हो सकता है।
अगर कुछ महीनों के अंतराल में बार-बार चश्मा बदलवाना पड़ रहा है, तो केवल नंबर बढ़ने की बजाय आंखों की पूरी जांच कराना जरूरी है।
National Eye Institute (NEI) के अनुसार, मोतियाबिंद बढ़ने पर रंग पहले जैसे चमकीले नहीं दिखते। कई लोगों को सफेद रंग भी हल्का पीला दिखाई देने लगता है।
अगर पर्याप्त रोशनी होने के बावजूद किताब, मोबाइल या अखबार पढ़ने में परेशानी होने लगे, तो यह भी आंखों में बदलाव का संकेत हो सकता है।
Mayo Clinic के अनुसार, कुछ लोगों में मोतियाबिंद होने का खतरा अधिक हो सकता है-
अगर आपको लगातार धुंधला दिख रहा है, रात में देखने में परेशानी हो रही है, रोशनी चुभ रही है या चश्मा बार-बार बदलना पड़ रहा है, तो नेत्र रोग विशेषज्ञ (Ophthalmologist) से जांच कराएं। आंखों की सामान्य जांच से ही कई बार मोतियाबिंद का शुरुआती पता चल सकता है।
पूरी तरह बचाव हमेशा संभव नहीं होता, लेकिन Mayo Clinic और NEI कुछ आदतें अपनाने की सलाह देते हैं-
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।