Cervical Cancer Symptoms: नई रिपोर्ट के मुताबिक HPV वैक्सीन और नियमित स्क्रीनिंग से Cervical Cancer के लाखों मामलों को रोका जा सकता है। जानिए इसके लक्षण, खतरे और बचाव के तरीके।
Cervical Cancer Prevention: भारत में महिलाओं के बीच गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर यानी सर्वाइकल कैंसर तेजी से बढ़ता जा रहा है। हर साल देश में करीब 1.2 लाख नए मामले सामने आते हैं और लगभग 80 हजार महिलाओं की मौत इस बीमारी की वजह से हो जाती है। सबसे चिंता की बात यह है कि यह कैंसर उन बीमारियों में शामिल है, जिन्हें समय रहते रोका जा सकता है।
हाल ही में द लैंसेट पत्रिका में प्रकाशित एक सांख्यिकीय अध्ययन में दावा किया गया है कि अगर भारत विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) टीकाकरण और जांच लक्ष्यों को पूरा कर ले, तो अगले 100 सालों में सर्वाइकल कैंसर के 1 करोड़ से ज्यादा मामलों को रोका जा सकता है।
एचपीवी यानी ह्यूमन पैपिलोमावायरस एक ऐसा वायरस है, जो महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की सबसे बड़ी वजह माना जाता है। अमेरिका के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के मुताबिक, एचपीवी टीका उन वायरस के प्रकारों से बचाव करता है, जो सबसे ज्यादा सर्वाइकल कैंसर का कारण बनते हैं। शुरुआत में इस बीमारी के कोई खास लक्षण नहीं दिखते। यही वजह है कि कई महिलाओं को बीमारी का पता तब चलता है, जब कैंसर काफी बढ़ चुका होता है।
भारत में एचपीवी टीका साल 2008 में आया थी, लेकिन जागरूकता की कमी, डर, जानकारी का अभाव और ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी की वजह से इसका इस्तेमाल बहुत कम हुआ।
रिपोर्ट के अनुसार, आज भी देश में सिर्फ करीब 2 प्रतिशत महिलाएं ही नियमित सर्वाइकल कैंसर की जांच करवाती हैं। ग्रामीण और गरीब इलाकों में स्थिति और ज्यादा खराब है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर पैप टेस्ट और एचपीवी टेस्ट करवाने से कैंसर बनने से पहले ही बीमारी का पता लगाया जा सकता है।
सीडीसी के अनुसार, 21 साल की उम्र के बाद महिलाओं को नियमित जांच करवानी चाहिए।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सर्वाइकल कैंसर को कम करने के लिए तीन बड़े लक्ष्य तय किए हैं-
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ये लक्ष्य सही तरीके से लागू हो जाएं, तो भारत में सर्वाइकल कैंसर के मामलों में भारी कमी आ सकती है।
सर्वाइकल कैंसर उन बीमारियों में से है, जिसे जागरूकता, टीके और समय पर जांच की मदद से काफी हद तक रोका जा सकता है।
भारत सरकार ने महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए अपने राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम (National Immunization Program) के तहत ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) टीकाकरण अभियान की शुरुआत की है, जिसके अंतर्गत शुरुआती चरण में 9 से 14 वर्ष की किशोरियों को मुफ्त वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के 'ग्लोबल प्रिवेंशन टारगेट' के तालमेल में भारत सरकार का मुख्य लक्ष्य वर्ष 2030 तक 15 वर्ष की आयु की 90% लड़कियों का पूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित करना, 30 और 45 वर्ष की आयु में कम से कम 70% महिलाओं की उच्च-सटीक स्क्रीनिंग (जांच) करना, और कैंसर से पीड़ित 90% मरीजों को समय पर सही इलाज मुहैया कराना है। विशेषज्ञों के अनुसार, देश के स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे और इस लक्षित अभियान की मदद से आगामी दशकों में देश से इस घातक कैंसर के बोझ को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।