स्वास्थ्य

Cervical Cancer Death: इंग्लैंड में चार सालों में एक भी यंग महिला की मौत सर्वाइकल कैंसर से नहीं हुई, जानिए क्यों

Cervical Cancer Death in England : इंग्लैंड में सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ ये बड़ी जीत बताई जा रही है। लैंसेट (TheLancet) पर प्रकाशित शोध ने एचपीवी वैक्सीन के भरोसे को बढ़ाने का काम किया है।
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Updated: 18 Jun 2026, 3:56 PM IST
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Cervical Cancer | प्रतीकात्मक तस्वीर | Credit- bookinghealth

Cervical Cancer in England Zero Deaths : इंग्लैंड में सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ ये बड़ी जीत है। लैंसेट (TheLancet) पर प्रकाशित शोध के मुताबिक, पिछले चार सालों (2020 से 2024 तक) में युवा महिलाओं (उम्र 20 से 24 वर्ष तक) की मृत्यु की संख्या जीरो तक पहुंचा दी है। दरअसल, इसके पीछे सबसे बड़ा योगदान एक टीकाकरण का है जो साल 2008 में स्कूली स्टूडेंट्स को देना शुरू किया गया था। करीब 18 साल के बाद नतीजा पूरी दुनिया के सामने है।

इंग्लैंड में सर्वाइकल कैंसर के मामले

अगर आप साल 2000 से लेकर 2019 तक देखेंगे तो आपको मौत के आंकड़ों में कमी साफ नजर आएगी। 2024 तक ये संख्या जीरो हो गई है। इस बात को आप उपरोक्त चार्ट में देखकर समझ सकते हैं। जहां पर हर चार साल पर मौतों के आंकड़ों को दिखाया गया है।

मुख्य शोधकर्ता प्रोफेसर पीटर

लंदन की क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी के मुख्य शोधकर्ता प्रोफेसर पीटर सासिनी ने कहा, "यह सोचना वाकई अविश्वसनीय है कि एक सिंगल टीका किसी विशेष प्रकार के कैंसर को लगभग पूरी तरह से खत्म कर सकता है।"

UK में 14वां सबसे आम कैंसर

सर्वाइकल कैंसर के मामलों को देखकर गंभीरता समझ आती है। यह अभी भी यूके (UK) में महिलाओं में होने वाला 14वां सबसे आम कैंसर है, जहां हर साल 3,300 लोगों में इसकी पुष्टि होती है। ऐसा माना जाता है कि एचपीवी (HPV), स्किन-टू-स्किन कांटेक्ट से फैलने वाला एक वायरस है, इन 99% मामलों का मुख्य कारण है।

शोधकर्ता डॉक्टरों ने ये भी माना है कि अगर ये वैक्सीन नहीं लगती तो मानकर चलें कि कम से कम 25 यंग महिलाओं की मौतें होती ही हैं। इस हिसाब से ये एचपीवी वैक्सीन की बड़ी सफलता है।

भारत में HPV Vaccine की शुरुआत

भारत सरकार ने भी इस साल एचपीवी वैक्सीन को लेकर अभियान शुरू किया है। सरकार ने देश की 14 वर्ष तक की बालिकाओं को मुफ्त में यह वैक्सीन देने की शुरूआत की है।

सरकार हर साल 9 से 14 वर्ष तक की लगभग 1.15 करोड़ किशोरियों को यह वैक्सीन मुफ्त में लगाने का लक्ष्य साधकर काम कर रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मिशन 2030 को लेकर सरकार पुरजोर से कार्य कर रही है ताकि इससे होने वाली मौतों की संख्या को जीरो किया जा सके।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
18 Jun 2026, 3:56 PM IST
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