स्वास्थ्य

नवजात के लगातार रोने की वजह हो सकता है Colic, एनएचएस से जानें कैसे पहचानें इसके संकेत

Colic Cause: क्या आपका बच्चा बिना वजह लगातार रोता है, आपने कभी सोचा है कीं इसका क्या कारण हो सकता है? एनएचएस और मेयो क्लिनिक से जानिए नवजात शिशुओं में कॉलिक (Colic) के मुख्य लक्षण, इसके कारण और कब डॉक्टर से मिलना चाहिए।
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Sep 22, 2026
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नवजात के बार-बार रोने का कारण क्या हो सकता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Colic Symptoms: क्या आपका नवजात शिशु बिना किसी वजह के घंटों तक लगातार रोता रहता है? आपने उसे दूध पिलाया, डायपर भी बदल दिया और गोद में लेकर बहलाने की कोशिश भी की, लेकिन फिर भी बच्चे का रोना बंद नहीं हो रहा? अगर ऐसा अक्सर होता है, तो घबराएं नहीं। यह समस्या कॉलिक (Colic यानी पेट का मरोड़ या दर्द) हो सकती है। कॉलिक एक बेहद आम स्थिति है जो बिल्कुल स्वस्थ और भले-चंगे बच्चों में भी देखी जाती है। आमतौर पर यह समस्या बच्चे के पैदा होने के 2 से 3 हफ्ते बाद शुरू होती है और 3 से 4 महीने का होने तक अपने आप ठीक हो जाती है। आइए जानते हैं कि कॉलिक क्या है, इसके क्या लक्षण हैं और आप अपने बच्चे को कैसे संभाल सकते हैं।

कॉलिक आखिर क्या होता है?

मेयो क्लिनिक के अनुसार, जब एक बिल्कुल स्वस्थ और अच्छी तरह से पल रहा बच्चा हफ्ते में कम से कम 3 दिन, दिन में 3 घंटे से ज्यादा और 1 हफ्ते से ज्यादा समय तक लगातार रोता रहे, तो इसे कॉलिक कहा जाता है। इसमें सबसे खास बात यह है कि बच्चा रोते वक्त बेहद परेशान लगता है लेकिन रोना बंद होने के बाद बिल्कुल सामान्य और खुश दिखता है। कॉलिक कोई बीमारी नहीं है और न ही इससे बच्चे के शरीर को कोई नुकसान पहुंचता है।

कॉलिक के मुख्य लक्षण क्या हैं?

एनएचएस (NHS) के मुताबिक, हर बच्चा रोता है क्योंकि रोना ही उनकी भाषा है। लेकिन कॉलिक का रोना आम रोने से काफी अलग होता है;

  • अचानक और तेज रोना।
  • एक ही समय पर रोना।
  • चेहरे का लाल होना
  • शरीर की बनावट में बदलाव।
  • पेट का सख्त होना।
  • चुप कराना मुश्किल होना।

कॉलिक क्यों होता है?

  • पाचन तंत्र का कच्चा होना।
  • पेट में गैस बनना।
  • दूध या आहार से एलर्जी।
  • माहौल का असर।

रोते हुए बच्चे को कैसे चुप कराएं?

अगर आपका बच्चा कॉलिक की वजह से रोता है, तो परेशान होने की जगह इन तरीकों को आजमाएं;

  • दूध पिलाने के बाद डकार जरूर दिलाएं।
  • शांत और धुंधली रोशनी वाला माहौल।
  • बच्चे को एक पतले सूती कपड़े में हल्का लपेटकर अपनी गोद में झुलाएं।
  • गुनगुने पानी से स्नान।
  • व्हाइट नॉइज़ (White Noise)

डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?

  • बच्चे को तेज बुखार हो।
  • बच्चा दूध पीना बिल्कुल छोड़ दे या बार-बार उल्टी करे।
  • बच्चे की पॉटी (मल) में खून दिखाई दे।
  • बच्चे का रोना आम रोने जैसा न होकर बहुत बारीक या दर्दभरी चीख जैसा लगे।
डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Published on:
22 Sept 2026 10:45 am