
Colon cancer In Young Adults Symptoms: आजकल हमारी ज़िंदगी और खाने-पीने का तरीका इतना बदल चुका है कि बीमारियां उम्र देखकर नहीं आ रही हैं। जो कोलन कैंसर (आंत का कैंसर) पहले बड़ी उम्र या बुजुर्गों में देखा जाता था, अब 20, 30 और 40 साल के युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रहा है। मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) और कैंसर रिसर्च (Cancer Research Org) की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि युवाओं में कोलन कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि इसके शुरुआती लक्षण इतने आम होते हैं कि लोग इन्हें पेट की मामूली समस्या, गैस या कब्ज मानकर टाल देते हैं। पर यही लापरवाही आगे चलकर बड़ी मुसीबत बन जाती है। आइए जानते हैं कि शरीर में ऐसे कौन-से बदलाव दिखें तो आपको तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए।
हर इंसान का पेट साफ होने का एक अपना रूटीन होता है। लेकिन अगर आपको लगे कि बिना कुछ उल्टा-सीधा खाए भी आपकी यह आदत पूरी तरह बदल गई है, तो ध्यान देने की जरूरत है। जैसे अचानक हफ्तों तक लगातार दस्त (लूज मोशन) लगे रहना या फिर कब्ज (पोट्टी न होना) हो जाना। अगर यह परेशानी कई दिनों तक बनी रहे, तो इसे मामूली मानकर इग्नोर न करें।
शौच के दौरान लाल या बहुत गहरे-काले रंग का खून आना कोलन कैंसर का एक बड़ा इशारा हो सकता है। हमारे यहां लोग टॉयलेट में खून देखते ही सोच लेते हैं कि उन्हें बवासीर या पाइल्स की शिकायत हो गई है और मेडिकल स्टोर से कोई भी दवाई लेकर खाने लगते हैं। यह गलती बिल्कुल न करें! बिना डॉक्टर की सलाह के खुद ही अंदाजा लगाना खतरनाक हो सकता है।
अगर आप न तो कोई जिम जा रहे हैं, न कोई डाइटिंग कर रहे हैं, फिर भी आपका वजन तेजी से घटता जा रहा है, तो यह खुशी की नहीं बल्कि चिंता की बात है। कैंसर रिसर्च (Cancer Research Org) के जानकारों के मुताबिक, जब शरीर के अंदर कोई गड़बड़ी या कैंसर पनपता है, तो वो शरीर की ताकत और एनर्जी को सोखने लगता है, जिससे बिना किसी वजह के वजन गिरने लगता है।
कभी-कभी पेट में दर्द होना सामान्य है। लेकिन अगर आपको पेट के निचले हिस्से में अक्सर मरोड़ उठती है, मीठा-मीठा दर्द बना रहता है या हमेशा ऐसा लगता है कि पेट फूला हुआ है, तो यह संकेत सही नहीं है। इसके अलावा, अगर टॉयलेट जाने के बाद भी लगे कि पेट पूरी तरह साफ नहीं हुआ है और भारीपन बना रहे, तो डॉक्टर से जरूर बात करें।
अच्छी नींद लेने और ठीक से खाने के बाद भी अगर आपको लगता है कि शरीर में जरा भी जान नहीं बची है और आप हर वक्त थके-थके रहते हैं, तो इसे सिर्फ़ काम का तनाव न समझें। जब आंतों के अंदर कोई समस्या होती है, तो कई बार धीरे-धीरे अंदर ही अंदर खून का रिसाव होता रहता है। इससे शरीर में खून की कमी (एनीमिया) हो जाती है और इंसान को हर समय भारी थकान महसूस होती है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।