Cryptic Pregnancy: महिला को पता ही नहीं था कि वह गर्भवती है और ऑफिस में ही बच्चे को जन्म दे दिया। बिना लक्षण वाली प्रेग्नेंसी कितनी खतरनाक है? जानिए।
Cryptic Pregnancy: अमेरिका के आयोवा राज्य में FedEx में काम करने वाली महिला अमेथिस्ट ब्लमबर्ग की कहानी सिर्फ एक हैरान करने वाली खबर नहीं है, बल्कि महिलाओं की सेहत से जुड़ा एक अहम मुद्दा भी उठाती है। जिस महिला को खुद पता ही नहीं था कि वह गर्भवती है, उसने अचानक अपने कार्यस्थल पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। मेडिकल भाषा में इसे क्रिप्टिक प्रेग्नेंसी कहा जाता है।
क्रिप्टिक प्रेग्नेंसी वह स्थिति होती है, जिसमें महिला को पूरे गर्भकाल में प्रेग्नेंसी के सामान्य लक्षण महसूस ही नहीं होते। जैसे
अमेथिस्ट ने बताया कि पहली प्रेग्नेंसी में उन्हें सारे सामान्य लक्षण थे, लेकिन दूसरी बार उन्हें कुछ भी महसूस नहीं हुआ। यह स्थिति दुर्लभ है, लेकिन असंभव नहीं।
डॉक्टरों के मुताबिक बिना जानकारी के प्रेग्नेंसी रहना मां और बच्चे, दोनों के लिए जोखिम भरा हो सकता है। ऐसी स्थिति में महिला प्रेग्नेंसी के दौरान जरूरी पोषण नहीं ले पाती है। फोलिक एसिड, आयरन और कैल्शियम की कमी हो सकती है। नियमित जांच (ANC चेकअप) नहीं हो पाती और हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या एनीमिया जैसी समस्याएं समय पर पकड़ में नहीं आतीं है। अच्छी बात यह रही कि इस केस में समय पर मेडिकल टीम पहुंच गई और मां-बच्चा दोनों सुरक्षित रहे।
अमेथिस्ट को सिर्फ तभी एहसास हुआ जब उन्हें तेज पीठ दर्द हुआ और बच्चे की हलचल महसूस हुई। इसे बैक लेबर कहा जाता है, जिसमें दर्द पेट की बजाय पीठ में ज्यादा होता है। कई बार महिलाएं इसे सामान्य दर्द या गैस समझकर नजरअंदाज कर देती हैं।
हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अगर पीरियड्स अनियमित हों, वजन अचानक घट-बढ़ रहा हो, पेट में अजीब हलचल महसूस हो, बार-बार थकान या पीठ दर्द हो तो प्रेग्नेंसी टेस्ट करवाने में हिचक नहीं होनी चाहिए, भले ही संभावना कम लगे।