स्वास्थ्य

Dengue Hemorrhagic Fever: डेंगू बिगड़ने पर बन सकता है जानलेवा, साइंसडायरेक्ट से जानें डेंगू हेमोरेजिक फीवर के खतरे और लक्षण

Dengue Hemorrhagic Fever Cause: साधारण डेंगू बुखार बिगड़ने पर डेंगू हेमोरेजिक फीवर (DHF) का रूप ले सकता है, जो जानलेवा साबित होता है। साइंसडायरेक्ट और मेयो क्लिनिक के मेडिकल रिसर्च के अनुसार, जानें इसके चेतावनी लक्षण और समय पर बचाव के उपाय।
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Sep 09, 2026
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डेंगू हेमोरेजिक फीवर क्या होता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Dengue Hemorrhagic Fever Symptoms: हर साल मानसून के दौरान और उसके बाद डेंगू का खतरा बहुत तेजी से बढ़ जाता है। आम बोलचाल में लोग डेंगू को सिर्फ 'हड्डी तोड़ बुखार' मान लेते हैं और सोचते हैं कि पैरासिटामोल खाने व नारियल पानी पीने से यह अपने आप ठीक हो जाएगा। साइंसडायरेक्ट के अनुसार, शुरुआती दौर में तो साधारण डेंगू बुखार में आराम और सही खान-पान से व्यक्ति ठीक हो सकता है, लेकिन जब यही डेंगू अपना खतरनाक रूप ले लेता है, तो यह मरीज के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। डेंगू का गंभीर और जानलेवा रूप डेंगू हेमोरेजिक फीवर (DHF) कहलाता है। समय पर इसके लक्षण न पहचानना मरीज को आईसीयू तक पहुंचा सकता है। आइए समझते हैं कि डेंगू हेमोरेजिक फीवर क्या है, यह कितना खतरनाक हो सकता है और इसके चेतावनी भरे संकेत कौन से हैं।

क्या है डेंगू हेमोरेजिक फीवर (DHF)?

मेयो क्लिनिक के अनुसार, डेंगू में तेज बुखार, बदन दर्द, सिरदर्द और आंखों के पीछे दर्द जैसे लक्षण होते हैं। लेकिन जब डेंगू वायरस मरीज की रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) को नुकसान पहुंचाने लगता है, तो स्थिति बिगड़ने लगती है। डेंगू हेमोरेजिक फीवर में शरीर की नसें कमजोर हो जाती हैं और उनसे खून या फ्लूइड लीक (रिसना) होने लगता है। इसके साथ ही, खून का थक्का जमाने वाली कोशिकाएं यानी प्लेटलेट्स (Platelets) का स्तर बहुत तेजी से गिरने लगता है। जब नसों से रक्त का रिसाव अंदर ही अंदर होने लगता है, तो शरीर के अंदरूनी अंगों (जैसे पेट, फेफड़े और आंतों) में खून बहने का जोखिम बढ़ जाता है। इसी स्थिति को डॉक्टरी भाषा में DHF कहते हैं।

डेंगू हेमोरेजिक फीवर के मुख्य चेतावनी संकेत (Warning Signs)

  • अचानक पेट में तेज दर्द होना।
  • बार-बार उल्टी आना या खून की उल्टी होना।
  • त्वचा, मसूड़ों या नाक से खून बहना।
  • मल का रंग काला होना।
  • अत्यधिक सुस्ती और घबराहट।
  • सांस लेने में तकलीफ।

क्यों बढ़ता है DHF का खतरा?

  • दुबारा डेंगू होना (Secondary Infection)।
  • कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता।
  • देर से इलाज शुरू होना।

डेंगू हेमोरेजिक फीवर से बचाव और जरूरी सावधानियां

डेंगू का सही समय पर पता चलना और सही देखभाल ही मरीज की जान बचा सकती है;

  • खुद से दवाइयां न लें।
  • शरीर को हाइड्रेटेड रखें।
  • ब्लड टेस्ट और निगरानी जरूरी।
  • मच्छरों से बचाव या मॉस्किटो रिपेलेंट का इस्तेमाल करें।

डॉक्टर के पास कब तुरंत जाना चाहिए?

जैसे ही बुखार उतरने लगे और मरीज को पेट दर्द, लगातार उल्टी, सांस लेने में तकलीफ या शरीर में कहीं से भी ब्लीडिंग होती दिखे, तो बिना एक मिनट की देरी किए तुरंत पास के अस्पताल या इमरजेंसी में जाएं। डेंगू हेमोरेजिक फीवर का इलाज घर पर संभव नहीं है, इसके लिए मरीज को अस्पताल में भर्ती करके IV फ्लूइड्स (ड्रिप) और निगरानी की सख्त जरूरत होती है। सही समय पर मिला डॉक्टरी इलाज मरीज को पूरी तरह ठीक कर सकता है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Published on:
09 Sept 2026 07:45 am