
Dengue Vaccine Update:डेंगू के खतरे से निपटने के लिए वैक्सीन बनाने की तैयारी लंबे समय से चल रही है। इसको लेकर बहुत सारे लोग इंतजार भी कर रहे हैं। लोग ये जानना चाहते हैं कि कि ये वैक्सीन कब तक उपलब्ध होगी। अब डेंगू की वैक्सीन को लेकर विशेषज्ञों ने अपडेट दिया है। इस टीके से डेंगू से होने वाली मौतों में साल दर साल कमी की उम्मीद जताई जा रही है।
रविवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित पीडियाट्रिक इंफेक्शियस डिजीज एकेडमी की नेशनल मिडटर्म कॉन्फ्रेंस में विशेषज्ञों द्वारा दी गई। कॉन्फ्रेंस के दौरान संक्रामक रोगों के उपचार और बचाव के लिए हो रहे नवाचारों पर भी गहरी चर्चा हुई।दो दिवसीय इस सम्मेलन में देशभर से विशेषज्ञों ने भाग लिया और एक-दूसरे के अनुभवों को साझा किया। कार्यक्रम के अंतिम दिन दो शैक्षणिक सत्रों में संक्रामक रोगों और टीकाकरण पर विचार-विमर्श हुआ।
कॉन्फ्रेंस में मुख्य अतिथि डॉ. आर. के. अग्रवाल और अन्य प्रमुख हस्तियों, जैसे डॉ. चेतन त्रिवेदी, डॉ. अतुल शंकर, डॉ. मोहित वोहरा और डॉ. नेहा अग्रवाल ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए।
पीडियाट्रिक इंफेक्शियस डिजीज एकेडमी की नेशनल मिडटर्म कॉन्फ्रेंस में विशेषज्ञों ने बताया कि डेंगू के वैक्सीन को लेकर इंतजार खत्म होने वाला है। इस वैक्सीन को लेकर अधिकत काम हो चुके हैं। इसलिए साल 2026 तक इस वैक्सीन को मार्केट में लाया जाएगा। उसके बाद आम आदमी इस वैक्सीन का इस्तेमाल कर पाएंगे।
भारत में डेंगू के खिलाफ पहला वैक्सीनेशन 2026 तक उपलब्ध होने की संभावना है। यह वैक्सीन जापानी दवा निर्माता कंपनी Takeda के द्वारा विकसित किया गया है, जिसे TAK-003 नाम दिया गया है।।टीकाकरण के अलावा, डेंगू के उपचार में भी कई रिसर्च हो रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, वैज्ञानिक लगातार नए इलाज और दवाओं पर काम कर रहे हैं, जो न केवल इस रोग को जल्दी ठीक करने में मदद करेंगे, बल्कि इसके प्रभावों को भी कम करेंगे। साथ ही, मच्छरों के नियंत्रण के लिए नई तकनीकों और उपायों पर भी काम किया जा रहा है, जिससे डेंगू के फैलाव को रोका जा सके।यह वैक्सीनेशन और उपचार के उपाय डेंगू के खतरे को कम करने में अहम भूमिका निभाएंगे, और उम्मीद जताई जा रही है कि इस से हर साल होने वाली मौतों में भी बड़ी कमी आएगी।
| वर्ष | डेंगू के मामले (संख्या) | मौतों की संख्या |
|---|---|---|
| 2019 | 67,119 | 17 |
| 2020 | 7,861 | 2 |
| 2021 | 33,736 | 21 |
| 2022 | 44,496 | 57 |
| 2023 | 50,643 | 81 |
| 2024 (जनवरी - जून) | 2,30,000 (अनुमानित) | 297 (अनुमानित) |
नेशनल वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम (NVBDCP) के अनुसार, देश में बीते पांच वर्षों के दौरान डेंगू के मामलों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। वर्ष 2019 में डेंगू के करीब 67,119 मामले दर्ज हुए और 17 लोगों की मौत हुई। इसके अगले साल यानी 2020 में कोविड-19 महामारी के चलते डेंगू के केस घटकर 7,861 रह गए और सिर्फ 2 मौतें हुईं।साल 2021 में डेंगू के केस फिर बढ़ने लगे और कुल 33,736 मरीज सामने आए, जिनमें 21 लोगों की जान चली गई। वर्ष 2022 में यह संख्या और बढ़ी, जब 44,496 मामले दर्ज हुए और 57 मौतें हुईं।2023 में डेंगू के 50,643 केस सामने आए और 81 लोगों की मौत दर्ज की गई। लेकिन 2024 की शुरुआत काफी चिंताजनक रही, जब जनवरी से जून के बीच ही अनुमानित 2.3 लाख लोग डेंगू से संक्रमित हुए और 297 मौतें दर्ज की गईं। इन आंकड़ों से साफ है कि डेंगू अब और अधिक खतरनाक होता जा रहा है, जिससे निपटने के लिए सतर्कता और समय पर उपाय बेहद जरूरी हो गए हैं।
डेंगू के लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी और मतली शामिल हैं। इसके अलावा, प्लेटलेट्स का गिरना और शरीर पर लाल निशान भी इसके शुरुआती संकेत हो सकते हैं। अगर आपको इनमें से कोई लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
डेंगू से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि आप मच्छरों को पनपने से रोकें। इसके लिए आपको ठहरे हुए पानी को निकालना चाहिए, जैसे कि कूलर, गमले या पानी की टंकी में जमा पानी। हमेशा साफ-सफाई रखें और मच्छरों को घर में आने से रोकने के लिए खिड़कियों में जाली लगवाएं। मच्छरदानी का इस्तेमाल करें, पूरी बाजू के कपड़े पहनें और मच्छर से बचाव के लिए मच्छरकटी क्रीम का उपयोग करें। सभी ये छोटे-छोटे उपाय आपके और आपके परिवार को डेंगू से सुरक्षित रख सकते हैं।