स्वास्थ्य

Depression: 2 हफ्तों से ज्यादा समय तक उदासी और निराशा बनी रहे, तो WHO ने इसे बताया डिप्रेशन का संकेत हो सकता है

Depression Cause: जब उदासी और निराशा लगातार 2 हफ्ते या उससे ज्यादा समय तक बनी रहे और रोजमर्रा के कामों से दिलचस्पी पूरी तरह खत्म हो जाए, तो यह डिप्रेशन का संकेत हो सकता है। आइए WHO से जानते हैं इसके कारण, लक्षण और बचाव के उपाय।
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Jul 17, 2026
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2 हफ्तों से ज्यादा समय तक उदासी और निराशा बनी रहे, तो डिप्रेशन का संकेत हो सकता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- freepik)

Depression Symptoms: हम सभी की जिंदगी में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। कभी किसी बात पर मन उदास होना या मूड खराब होना बिल्कुल सामान्य है। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि जब यह उदासी दिनों से हफ्तों में बदल जाती है, तो यह सिर्फ एक खराब मूड नहीं रह जाता? विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति लगातार 2 हफ्ते या उससे ज्यादा समय तक गहरी उदासी, निराशा और खालीपन महसूस करता है, तो यह डिप्रेशन (Depression) का संकेत हो सकता है। आइए WHO के अनुसार, समझते हैं कि डिप्रेशन क्या है और इसे कैसे पहचाना जाए।

डिप्रेशन क्या होती है?

मेयो क्लिनिक के अनुसार, डिप्रेशन (अवसाद) मन की एक ऐसी स्थिति या बीमारी है, जिसमें इंसान लगातार उदास रहता है और उसका किसी भी काम में मन नहीं लगता। अक्सर लोग डिप्रेशन को मामूली उदासी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो कि गलत है। आम उदासी किसी खास वजह से होती है (जैसे परीक्षा में कम नंबर आना या किसी से बहस होना) और कुछ समय बाद अपने आप ठीक हो जाती है।

लेकिन डिप्रेशन एक मानसिक स्वास्थ्य स्थिति (Mental Health Condition) है। इसमें इंसान के सोचने, महसूस करने और रोजमर्रा के काम करने के तरीके पर बहुत बुरा असर पड़ता है। डिप्रेशन से पीड़ित व्यक्ति को बिना किसी बड़ी वजह के भी लगातार दुख और बेबसी का अहसास होता रहता है।

इन मुख्य लक्षणों को पहचानें

डिप्रेशन सिर्फ मन की स्थिति नहीं है, इसके लक्षण हमारे व्यवहार और शरीर में भी दिखते हैं;

  • लगातार उदासी और खालीपन।
  • चीजों में दिलचस्पी खत्म होना।
  • हर समय थकान रहना।
  • नींद और भूख में बदलाव।
  • खुद को दोषी मानना।
  • चिड़चिड़ापन और गुस्सा।

डिप्रेशन क्यों होता है?

  • दिमाग में केमिकल्स का असंतुलन।
  • जिंदगी के मुश्किल हालात।
  • पारिवारिक इतिहास (Genetics)।

अगर ऐसा महसूस हो, तो क्या करें?

  • अपनों से बात करें।
  • रोजाना थोड़ी वॉक या एक्सरसाइज करें।
  • पूरी नींद लें और अच्छा खाएं।
  • प्रोफेशनल मदद लें।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Updated on:
17 Jul 2026 10:12 am
Published on:
17 Jul 2026 10:12 am