
Diabetes and TB Risk Factors Hindi: आजकल डायबिटीज (मधुमेह) एक ऐसी बीमारी बन चुकी है जो हर दूसरे घर में देखने को मिलती है। लोग अक्सर इसे सिर्फ खून में शुगर बढ़ने की आम समस्या मानकर छोड़ देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर आपको डायबिटीज है, तो आपको टीबी (Tuberculosis) होने का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है?
सीडीसी के अनुसार, जब किसी व्यक्ति को डायबिटीज होती है, तो उसके शरीर की रोगों से लड़ने की ताकत (इम्यूनिटी) कमजोर हो जाती है। कमजोर इम्यूनिटी के कारण टीबी फैलाने वाले बैक्टीरिया शरीर पर बहुत आसानी से हमला कर देते हैं। यही वजह है कि डायबिटीज से पीड़ित लोगों को टीबी होने का खतरा आम लोगों के मुकाबले 3 गुना अधिक हो जाता है। इसलिए इसे सेहत की दोहरी मार कहा जाता है, जिससे बचने के लिए दोगुनी सावधानी की जरूरत होती है।
1. नियमित रूप से जांच करवाएं (Regular Check-ups)- अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं, तो समय-समय पर अपनी शुगर की जांच कराते रहें। इसके साथ ही शरीर में होने वाले बदलावों जैसे लगातार खांसी आना या वजन कम होने पर तुरंत ध्यान दें।
2. समय पर दवाइयां लें (Medication on Time)- अपनी डायबिटीज की दवाइयां बिल्कुल समय पर लें। शुगर कंट्रोल में रहेगी, तो शरीर की इम्यूनिटी मजबूत रहेगी और टीबी का बैक्टीरिया आप पर हावी नहीं हो पाएगा।
3. सावधानी ही है सबसे बड़ा बचाव- अपनी डाइट अच्छी रखें, रोजाना हल्की एक्सरसाइज करें और घर में साफ-सफाई व हवा आने-जाने का पूरा ध्यान रखें।
अगर आप या आपके परिवार में कोई डायबिटीज से पीड़ित है और आप जांच कराना चाहते हैं, तो सरकार ने इसका बहुत ही आसान रास्ता निकाला है। आप टीबी और डायबिटीज की बिल्कुल मुफ्त जांच (Free Check-up) के लिए अपने नजदीकी आयुष्मान आरोग्य शिविर में जा सकते हैं। वहां जाकर अपनी जांच कराएं और खुद को सुरक्षित रखें।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।