स्वास्थ्य

गले में खराश को न करें नजरअंदाज! 50 साल पुरानी खतरनाक बीमारी की वापसी, जानें लक्षण और बचाव

Diphtheria Treatment in Hindi: ऑस्ट्रेलिया में 50 साल बाद डिप्थीरिया ने दी दस्तक: जानिए इस खतरनाक बीमारी के लक्षण और कैसे करें अपना और बच्चों का बचाव।

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Apr 23, 2026
Diphtheria Outbreak Symptoms (photo- gemini ai)

Diphtheria Outbreak Symptoms: दुनिया में एक पुरानी लेकिन खतरनाक बीमारी डिप्थीरिया (Diphtheria) फिर से लौटती दिख रही है। ऑस्ट्रेलिया के किम्बरली इलाके में पिछले कुछ हफ्तों में इसके मामले तेजी से बढ़े हैं, जो पिछले 50 साल में पहली बार इतना बड़ा उछाल माना जा रहा है। इस खबर ने हेल्थ एक्सपर्ट्स की चिंता बढ़ा दी है।

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ऑस्ट्रेलिया में क्या हुआ?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, किम्बरली क्षेत्र में डिप्थीरिया के केस अचानक बढ़ गए हैं। कुछ ही समय में मरीजों की संख्या 20 से ज्यादा हो गई। पहले यह बीमारी यहां लगभग खत्म मानी जाती थी, लेकिन अब इसके वापस आने से हेल्थ सिस्टम अलर्ट पर है।

डिप्थीरिया क्या है?

डिप्थीरिया एक खतरनाक बैक्टीरियल इंफेक्शन है, जो गले और नाक को प्रभावित करता है। यह Corynebacterium diphtheriae नाम के बैक्टीरिया से होता है। यह बीमारी खांसने-छींकने या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से तेजी से फैलती है। सबसे खतरनाक बात ये है कि ये शरीर में टॉक्सिन बनाती है, जो दिल और नसों को नुकसान पहुंचा सकता है।

लक्षण: किन बातों पर ध्यान दें

  • गले में खराश और दर्द
  • हल्का बुखार
  • निगलने में दिक्कत
  • गले में मोटी ग्रे (स्लेटी) परत
  • सांस लेने में परेशानी
  • गर्दन में सूजन (बुल नेक)

कुछ मामलों में त्वचा पर घाव भी हो सकते हैं। अगर समय पर इलाज न मिले, तो यह जानलेवा भी हो सकता है।

एक्सपर्ट क्या कहते हैं?

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, डिप्थीरिया आज भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और हर साल दुनिया में इसके हजारों केस सामने आते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि जहां वैक्सीनेशन कम होता है, वहां ऐसी बीमारियां दोबारा फैलने लगती हैं।

यह दोबारा क्यों फैल रही है?

  • कुछ इलाकों में वैक्सीनेशन की कमी
  • दूर-दराज क्षेत्रों में हेल्थ सुविधाओं की कमी
  • बूस्टर डोज मिस होना
  • लोगों का एक जगह से दूसरी जगह जाना
  • इन वजहों से “हर्ड इम्युनिटी” कमजोर पड़ जाती है और बीमारी फिर से फैलने लगती है।

भारत के लिए क्यों है चिंता?

भारत में वैक्सीनेशन प्रोग्राम मजबूत है, लेकिन फिर भी कुछ इलाकों में कमी रह जाती है। ज्यादा आबादी, भीड़भाड़ और माइग्रेशन के कारण संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। इसलिए यह खबर भारत के लिए भी एक चेतावनी है।

बचाव कैसे करें?

  • बच्चों का पूरा टीकाकरण जरूर कराएं
  • समय पर बूस्टर डोज लें
  • साफ-सफाई का ध्यान रखें
  • संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाएं

समय रहते सतर्क रहना जरूरी

डिप्थीरिया एक रोकी जा सकने वाली बीमारी है, लेकिन लापरवाही भारी पड़ सकती है। ऑस्ट्रेलिया का यह मामला एक चेतावनी है कि अगर हम सतर्क नहीं रहे, तो पुरानी बीमारियां फिर से लौट सकती हैं। इसलिए सबसे जरूरी है जागरूकता, समय पर वैक्सीनेशन और हल्के लक्षणों को भी नजरअंदाज न करना।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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Updated on:
23 Apr 2026 04:26 pm
Published on:
23 Apr 2026 04:09 pm
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