
Diseases From Cats: हम में से ज्यादातर पेट लवर्स (Pet Lovers) को लगता है कि हमारी बिल्ली तो पूरे दिन घर के अंदर ही रहती है, साफ-सुथरा खाना खाती है, तो उसे कोई बीमारी कैसे हो सकती है? लेकिन हाल ही में The conversation की एक स्टडी के मुताबिक, हमारी बिल्लियां अनजाने में घर के बाहर से (या घर के कोनों से) चूहों के जरिए फैलने वाले कीटाणु और बीमारियां हमारे बिस्तर और सोफे तक ला सकती हैं। आइए जानते हैं कि क्या है ये रिसर्च और बिल्ली से कौनसी बीमारियां फैलने का खतरा रहता है?
इस स्टडी में वैज्ञानिकों ने पाया है कि बिल्लियां दिखने में भले ही कितनी भी शांत और घरेलू लगें, लेकिन उनका शिकार करने का कुदरती स्वभाव कभी नहीं बदलता। जब भी उन्हें मौका मिलता है, वो घर के पिछवाड़े, बगीचे या छतों पर छोटे-छोटे चूहों, छछूंदरों या पक्षियों का शिकार कर लेती हैं।
परेशानी की बात यह है कि इन जंगली चूहों और जीवों के शरीर पर कई तरह के बैक्टीरिया, वायरस और परजीवी (Parasites) होते हैं। जब बिल्ली इन्हें पकड़ती है या खाती है, तो वो कीटाणु बिल्ली के मुंह, पंजों और बालों में चिपक जाते हैं। इसके बाद जब बिल्ली घर लौटकर आपके साथ खेलती है या आपके बिस्तर पर सोती है, तो वो बीमारियां इंसान के शरीर तक पहुंच सकती हैं।
अमेरिकन सोसाइटी ऑफ माइक्रोबायोलॉजी के अनुसार, बिल्ली से इंसानों में फैलने वाली मुख्य बीमारियां निम्न हैं;
स्टडी में यह भी साफ कहा गया है कि इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप अपनी बिल्ली से प्यार करना छोड़ दें या उसे घर से निकाल दें। कोशिश करें कि आपकी बिल्ली बाहर अकेले न घूमे। उसे घर के अंदर ही रखें ताकि वह बाहर के चूहों या बीमार जीवों का शिकार न कर सके।
जब भी आप अपनी बिल्ली का लिटर बॉक्स (पॉटी साफ करने का डिब्बा) साफ करें, तो हमेशा हाथों में ग्लव्स (दस्ताने) पहनें और उसके बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं। अपनी बिल्ली को समय-समय पर जानवरों के डॉक्टर (Vet) के पास ले जाएं। उसे कीड़े मारने की दवा (Deworming) और सारे जरूरी टीके (Vaccines) टाइम पर लगवाएं। अपनी बिल्ली को कभी भी कच्चा मांस या बाजार का अनपका खाना न खिलाएं।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।