
Vitamin B12 Deficiency: गुस्सा आना एक कॉमन बॉडी रिस्पांस है, लेकिन अगर आप बार-बार चिड़चिड़े, बेचैन या गुस्से में रहने लगे हैं, तो यह सिर्फ मानसिक नहीं बल्कि शारीरिक कारणों से भी जुड़ा हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर में कुछ खास विटामिन की कमी के चलते हमारे मूड और दिमाग के काम प्रभावित होते है, जिससे व्यक्ति को जल्दी गुस्सा आने लगता है।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में फास्ट फूड, पैकेट वाले और प्रोसेस्ड खाने का सेवन काफी ज्यादा बढ़ गया है। ऐसे आहार में जरूरी पोषक तत्व बहुत कम रहती हैं। यही वजह है कि शरीर में विटामिन A, B, C, D, E और K की कमी आम हो गई है। इसके अलावा, ज्यादा दवाइयों का सेवन, कब्ज, या IBS (Irritable Bowel Syndrome) जैसी पाचन संबंधी समस्याएं भी शरीर में विटामिन्स के अवशोषण को कम कर देती हैं।
जब शरीर को पर्याप्त पोषक तत्व नहीं मिल पाता है, तो इसका असर सीधे दिमाग और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। यही कारण है कि कई बार व्यक्ति बिना किसी स्पष्ट कारण के ही गुस्से में रहने लगता है। विशेषज्ञ की माने तो विटामिन B-12 और विटामिन B6 की कमी सीधे हमारे ब्रेन फंक्शन और मूड कंट्रोल से जुड़ी होती है।
विटामिन B-12, जिसे कोबालमाइन (Cobalamin) भी कहा जाता है, एक वॉटर-सॉल्यूबल विटामिन है जो डीएनए निर्माण, न्यूरॉन हेल्थ और ब्लड सेल्स के लिए आवश्यक होता है। इसकी कमी से व्यक्ति को थकान, कमजोरी, सांस फूलना, पीलिया, और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई जैसी समस्याएं होती हैं। सबसे खास बात यह है कि B-12 की कमी से डोपामाइन और सेरोटोनिन हार्मोन का असंतुलन हो जाता है, जिससे व्यक्ति तनाव, डिप्रेशन और गुस्से का शिकार बन सकता है।
विटामिन B6 भी मानसिक स्वास्थ्य के लिए उतना ही जरूरी है। यह शरीर में सेरोटोनिन (मूड अच्छा रखने वाला हार्मोन) को नियंत्रित करता है। इसकी कमी से नींद न आना, बेचैनी, घबराहट और चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है।
विटामिन B-12 के लिए आहार में मांस, मछली, अंडे, चिकन, दूध, दही और पनीर शामिल करें। शाकाहारी लोग सोया मिल्क, बादाम, केला, सेब, पालक, और चुकंदर का सेवन करें। विटामिन B6 के लिए अपने भोजन में आलू, छोले, टोफू, एवोकाडो, फोर्टिफाइड अनाज और सैल्मन मछली शामिल करें।