Eye Health and Bone Health: क्या आंखों की जांच से Osteoporosis का खतरा पता लगाया जा सकता है? नई रिसर्च में सामने आया कि Retina Aging हड्डियों की कमजोरी का संकेत दे सकती है।
Osteoporosis Symptoms: हाल ही में आई एक नई रिसर्च में दावा किया गया है कि आंखों की जांच से हड्डियों की कमजोरी का पता लगाया जा सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि आंखों की अंदरूनी परत यानी रेटिना (Retina) शरीर की कई छिपी हुई बीमारियों के संकेत दे सकती है, जिनमें ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) भी शामिल है।
साइंस अलर्ट की रिपोर्ट के मुताबिक ऑस्टियोपोरोसिस एक ऐसी बीमारी है जिसमें हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं। यह समस्या खासतौर पर बुजुर्गों और महिलाओं में ज्यादा देखी जाती है। शुरुआत में इसके लक्षण साफ नजर नहीं आते, इसलिए इसे साइलेंट डिजीज भी कहा जाता है। कई बार लोगों को तब पता चलता है जब हल्की चोट में भी हड्डी टूट जाती है।
यह रिसर्च Singapore Eye Research Institute और Singapore National Eye Center के वैज्ञानिकों ने की है। इसमें सिंगापुर और यूके के हजारों लोगों के रेटिना स्कैन का अध्ययन किया गया। वैज्ञानिकों ने पाया कि जिन लोगों की रेटिना उम्र से ज्यादा बूढ़ी दिखाई दे रही थी, उनमें हड्डियों की कमजोरी और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा ज्यादा था।
रिसर्च के मुताबिक रेटिना की उम्र जितनी तेजी से बढ़ती दिखी, उतना ही बोन मिनरल डेंसिटी यानी हड्डियों की मजबूती कम पाई गई। विशेषज्ञों का कहना है कि आंखें शरीर का ऐसा हिस्सा हैं जहां नसें, ब्लड वेसल्स और सूजन जैसे संकेत बिना किसी सर्जरी के आसानी से देखे जा सकते हैं। यही वजह है कि आंखों की जांच अब सिर्फ नजर तक सीमित नहीं रह गई है।
इस स्टडी में AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया गया। वैज्ञानिकों ने RetiAGE नाम का AI मॉडल तैयार किया, जिसने करीब 1.3 लाख रेटिना इमेज का विश्लेषण किया। इसके जरिए यह अनुमान लगाया गया कि आने वाले समय में किसी व्यक्ति को ऑस्टियोपोरोसिस होने का खतरा कितना हो सकता है।
रिसर्च में सामने आया कि रेटिना एजिंग बढ़ने पर ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा लगभग 12% तक बढ़ सकता है। पुरुषों में यह जोखिम महिलाओं की तुलना में ज्यादा देखा गया।
इन कारणों का असर आंखों और हड्डियों दोनों पर पड़ सकता है।
वैज्ञानिकों ने साफ किया है कि यह तकनीक अभी शुरुआती दौर में है। इसे पूरी तरह बीमारी पहचानने वाला टेस्ट नहीं माना जा सकता। लेकिन भविष्य में यह तरीका ऑस्टियोपोरोसिस की शुरुआती पहचान में मददगार साबित हो सकता है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हड्डियों को मजबूत रखने के लिए:
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।