Liver Damage Symptoms: क्या आपका चेहरा अक्सर सूजा हुआ रहता है? चेहरे पर दिखने वाली बारीक लाल नसें और आंखों का पीलापन फैटी लिवर का शुरुआती संकेत हो सकता है। जानें एक्सपर्ट डॉ. विकास गर्ग की सलाह और रिसर्च रिपोर्ट।
Fatty Liver Signs on Face: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और 'अल्ट्रा-प्रोसेस्ड' फूड के बढ़ते चलन ने भारतीय युवाओं को एक ऐसी बीमारी के मुहाने पर खड़ा कर दिया है, जिसे डॉक्टर 'साइलेंट किलर' कहते हैं। हम बात कर रहे हैं फैटी लिवर (Fatty Liver) की। चौंकाने वाली बात यह है कि लिवर खराब होने की खबर हमें तब लगती है जब मामला गंभीर हो जाता है, लेकिन हमारा शरीर बहुत पहले ही चेहरे के जरिए इसके संकेत देना शुरू कर देता है।
अक्सर लोग चेहरे पर दिखने वाली बारीक लाल नसों को स्किन एलर्जी या धूप का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन 'Journal of Hepatology' में प्रकाशित एक रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, यह फैटी लिवर का एक गंभीर संकेत हो सकता है। शोध बताता है कि जब लिवर में सूजन आती है या वह ठीक से काम नहीं करता, तो शरीर में 'एस्ट्रोजन' हार्मोन का संतुलन बिगड़ जाता है। इस असंतुलन के कारण चेहरे पर 'Spider Angiomas' (मकड़ी के जाले जैसी बारीक लाल नसें) उभरने लगती हैं। यह इस बात का सबूत है कि आपका लिवर अंदरूनी तौर पर संघर्ष कर रहा है।
क्या आप भी सुबह उठते ही आईने में अपना चेहरा 'सूजा' हुआ पाते हैं? हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, लिवर फंक्शन धीमा होने पर शरीर में 'फ्लूइड रिटेंशन' (पानी जमा होना) बढ़ने लगता है। इसका सीधा असर आपकी आंखों के नीचे और गालों पर दिखता है।
प्रसिद्ध गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट (Gastroenterologist) डॉ. विकास गर्ग इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए बताते हैं "फैटी लिवर वास्तव में एक 'साइलेंट किलर' है क्योंकि शुरुआती स्टेज में इसमें कोई दर्द नहीं होता। हकीकत तो यह है कि जब लिवर 70% तक डैमेज हो जाता है, तब इसके लक्षण चेहरे पर गहरे और स्पष्ट होते हैं। आंखों के नीचे पीलापन (Mild Jaundice) और गालों का असामान्य भारीपन इसके सबसे शुरुआती लेकिन सबसे ज्यादा अनदेखे किए जाने वाले संकेत हैं। अगर इन्हें समय पर पहचान लिया जाए, तो लिवर को दोबारा स्वस्थ बनाया जा सकता है।"
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।