
Liver Damage Symptoms Hindi: आजकल की खराब लाइफस्टाइल और खान-पान की वजह से एक बीमारी बहुत तेजी से फैल रही है फैटी लिवर (Fatty Liver)। पहले यह बीमारी ढलती उम्र में होती थी, लेकिन आजकल नौजवानों में भी यह खूब देखने को मिल रही है। शुरुआत में फैटी लिवर का कोई बड़ा लक्षण महसूस नहीं होता, इसलिए ज्यादातर लोग पेट में हल्की-फुल्की गैस या भारीपन समझकर इसे इग्नोर कर देते हैं। लेकिन क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, इसे नजरअंदाज करना बहुत भारी पड़ सकता है। समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह लिवर को हमेशा के लिए खराब (लिवर डैमेज) कर सकता है।
हमारे लिवर में थोड़ा-बहुत फैट (चर्बी) होना नॉर्मल बात है। हेल्थडायरेक्ट के अनुसार, जब लिवर की कोशिकाओं में जरूरत से ज्यादा फैट जमा होने लगता है, तो उस स्थिति को डॉक्टर फैटी लिवर कहते हैं। फैटी लिवर मुख्य रूप से दो तरह का होता है, अल्कोहलिक फैटी लिवर जो बहुत ज्यादा शराब पीने की वजह से होता है। दूसरा नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर (NAFLD) जो शराब न पीने वालों में भी खराब खान-पान, मोटापे और वर्कआउट न करने की वजह से हो जाता है।
शुरुआत में बस लिवर पर चर्बी जमा होती है। इसमें कोई खास दर्द या परेशानी नहीं होती। जब फैट की वजह से लिवर में सूजन आने लगती है और उसकी कोशिकाएं डैमेज होने लगती हैं। सूजन की वजह से लिवर पर घाव या निशान (Scar Tissue) बनने लगते हैं और लिवर कड़ा होने लगता है। लिवर सिरोसिस (Liver Cirrhosis) लिवर की सबसे आखिरी और जानलेवा स्टेज है। इसमें लिवर पूरी तरह सिकुड़ जाता है और काम करना बंद कर देता है, जिससे लिवर फेलियर का खतरा बन जाता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।