
Fatty Liver Treatment: हेल्थ चेकअप में अगर आपकी रिपोर्ट में Fatty Liver लिखा आया है, तो घबराना स्वाभाविक है। कई लोग सोचते हैं कि अब यह बीमारी कभी ठीक नहीं होगी। लेकिन अच्छी बात यह है कि शुरुआती चरण में फैटी लिवर के कई मामलों में सही खानपान, वजन नियंत्रण और जीवनशैली में बदलाव से सुधार संभव हो सकता है।
अमेरिकन एसोसिएशन फॉर द स्टडी ऑफ लिवर डिजीजेज (AASLD) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डाइजेस्टिव एंड किडनी डिजीजेज (NIDDK) के अनुसार, फैटी लिवर का कोई एक जादुई इलाज नहीं है। हालांकि, कुछ वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित बदलाव लिवर में जमा अतिरिक्त चर्बी कम करने और बीमारी को बढ़ने से रोकने में मदद कर सकते हैं।
AASLD के अनुसार, जिन लोगों का वजन अधिक है, उनके लिए शरीर के कुल वजन का लगभग 5-10% कम करना लिवर में जमा चर्बी और सूजन में सुधार ला सकता है। तेजी से वजन घटाने के बजाय धीरे-धीरे और संतुलित तरीके से वजन कम करना बेहतर माना जाता है।
सिर्फ जिम जाना जरूरी नहीं है। NIDDK के अनुसार, नियमित वॉक, साइकिलिंग, तैराकी या अन्य मध्यम तीव्रता वाले व्यायाम भी फैटी लिवर में लाभ पहुंचा सकते हैं। सप्ताह में कम से कम 150 मिनट सक्रिय रहने का लक्ष्य रखें।
हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज, दालें, मेवे और स्वस्थ वसा (Healthy Fats) को भोजन में शामिल करें। वहीं मीठे पेय, अत्यधिक चीनी, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करें।
फैटी लिवर का संबंध अक्सर टाइप-2 डायबिटीज, मोटापे और हाई कोलेस्ट्रॉल से होता है। अगर ये समस्याएं हैं, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार उनका इलाज जारी रखें। इससे लिवर पर अतिरिक्त दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।
अगर डॉक्टर ने फैटी लिवर की पुष्टि की है, तो शराब से बचना बेहतर माना जाता है। शराब लिवर को अतिरिक्त नुकसान पहुंचा सकती है, खासकर जब पहले से लिवर में समस्या मौजूद हो।
इंटरनेट पर मिलने वाले कई लिवर डिटॉक्स या हर्बल उत्पादों के दावे वैज्ञानिक रूप से साबित नहीं हैं। AASLD सलाह देता है कि कोई भी दवा या सप्लीमेंट शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
फैटी लिवर के मरीजों को समय-समय पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार लिवर फंक्शन टेस्ट, अल्ट्रासाउंड या अन्य जरूरी जांच करानी चाहिए। इससे यह पता चलता रहता है कि बीमारी में सुधार हो रहा है या नहीं।
AASLD के अनुसार, अभी तक ऐसी कोई दवा उपलब्ध नहीं है जो हर मरीज का फैटी लिवर पूरी तरह ठीक कर दे। इसलिए उपचार का सबसे महत्वपूर्ण आधार वजन नियंत्रण, स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम और अन्य मेटाबॉलिक समस्याओं का सही प्रबंधन है। वहीं NIDDK का कहना है कि शुरुआती चरण में जीवनशैली में बदलाव अपनाने से कई लोगों में लिवर की चर्बी कम हो सकती है और बीमारी के गंभीर रूप में बदलने का जोखिम भी घट सकता है। अगर आपकी रिपोर्ट में Fatty Liver आया है, तो घबराने के बजाय गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट या हेपेटोलॉजिस्ट से सलाह लें और उनके बताए प्लान का पालन करें।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।