Fevikwik in eye what to do: फेवीक्विक का इस्तेमाल आए दिन किसी न किसी काम में पड़ ही जाता है। ऐसे में अगर फेवीक्विक को खोलते समय यह आंख में गलती से चला जाए, तो ऐसे समय में क्या करना चाहिए, आइए आज के इस लेख में डॉक्टर से जानते हैं।
What to do if Fevikwik gets into the eye?: सोशल मीडिया पर आए दिन कई वीडियो सामने आते रहते हैं। ऐसी ही एक वीडियो इस समय सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें एक 8 साल के बच्चे की आंख में फेवीक्विक (Fevikwik) चला गया है। वीडियो में एक महिला बच्चे की आंख को देखकर घबराती हुई दिख रही है और बच्चे की आंख को खोलने की कोशिश कर रही है। ऐसे में अगर गलती से कभी आपके या आपके घर में मौजूद बच्चे की आंख में फेवीक्विक या कोई भी सुपर ग्लू चला जाए, तो घबराना बिल्कुल नहीं चाहिए। यह एक इमरजेंसी सिचुएशन जरूर है, लेकिन सही जानकारी और सावधानी से इसे ठीक किया जा सकता है। याद रखें, ऐसे में हड़बड़ाहट में की गई गलत कोशिशें आंख को बड़ा नुकसान पहुंचा सकती हैं। आज के इस लेख में आइए जानते हैं कि ऐसी कंडीशन में क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के चैनल thegymratmedico पर डॉ. भव्य थरेजा (Dr. Bhavya Thareja) ने एक वीडियो शेयर कर इस कंडीशन से बचने के उपाय बताए हैं। उनके अनुसार, अगर ग्लू अभी ताजा है, तो सबसे पहले बच्चे की आंख को बहते हुए साफ पानी के नीचे रखें। ध्यान रहे कि पानी की धार धीमी हो और वह आंख के अंदर के कोने से बाहर के कोने की तरफ बहे। इससे ग्लू के जो कण अभी पूरी तरह सूखे नहीं हैं, वे बाहर निकल जाएंगे।
अगर फेवीक्विक सूखकर सख्त हो गया है, तो उसे अपनी उंगलियों या किसी भी चीज से जबरदस्ती खींचने या छुड़ाने की कोशिश बिल्कुल न करें। ऐसा करने से पलक की स्किन छिल सकती है या आंख की पुतली को गंभीर चोट लग सकती है।
आंख में चिपचिपाहट को कम करने के लिए लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल करें। इसे शुरुआत में हर 5 मिनट के अंतराल पर डालें। ये ड्रॉप्स ग्लू के असर को धीरे-धीरे कम करने और पलकों को ढीला करने में मदद करते हैं।
आंख एक बहुत ही नाजुक हिस्सा है, इसलिए गलती से भी इसमें तेल, घी, गंगा जल, या किसी भी तरह के घरेलू नुस्खे न डालें। ये चीजें इंफेक्शन पैदा कर सकती हैं और ग्लू के साथ मिलकर समस्या को और बिगाड़ सकती हैं।
यह सब करने के बाद तुरंत किसी आई स्पेशलिस्ट (Ophthalmologist) के पास पहुंचें। डॉक्टर प्रोफेशनल तरीके से आंख को वॉश करेंगे और खास उपकरणों से ग्लू को सुरक्षित हटाएंगे। बाद में डॉक्टर यह चेक करेंगे कि कहीं आंख के अंदर कोई चोट तो नहीं आई है और उसी के हिसाब से एंटीबायोटिक या लुब्रिकेटिंग ड्रॉप्स देंगे।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।