
Foot Numbness Hindi: चप्पल अचानक पैर से निकल जाती है और आपको पता तक नहीं चलता, या रात को बिस्तर पर जाते ही तलवों में चींटियां रेंगने जैसा महसूस होता है यह सिर्फ पैर का सो जाना नहीं है। जब हमारे शरीर का तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) सही संदेश दिमाग तक नहीं पहुंचा पाता, तब पैरों में यह सुन्नपन और झुनझुनी महसूस होने लगती है। नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डाईजेस्टिव किडनी डिजीज के अनुसार, रोजमर्रा की जिंदगी में यह समस्या कभी गलत तरीके से बैठने या खड़े रहने से होती है, तो कभी शरीर के भीतर पनप रही किसी अंदरूनी बीमारी की ओर इशारा करती है। शुरुआत में लोग इसे मामूली थकान या कमजोरी मानकर टाल देते हैं, लेकिन अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए, तो यह चलने-फिरने की क्षमता को भी प्रभावित कर सकता है। आइए जानते हैं कि बार-बार पैर क्यों सो जाता है और कब आपको तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।
आमतौर पर गलत तरीके से बैठने से होने वाला सुन्नपन पैर को हिलाने-डुलने या मालिश करने से 5-10 मिनट में ठीक हो जाता है। लेकिन आपको बिना देरी किए तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए अगर;
पैरों में सुन्नपन या झुनझुनी होना केवल एक मामूली असुविधा नहीं है, बल्कि यह आपके शरीर और नसों का एक जरूरी इशारा हो सकता है। यदि यह समस्या कभी-कभार गलत तरीके से बैठने से होती है, तो जीवनशैली में बदलाव से आसानी से ठीक हो जाती है। लेकिन अगर यह आपकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी है, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें।