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World Iodine Deficiency Day: गले में सूजन, वजन बढ़ना और थकान, क्लीवलैंड क्लिनिक से जानिए शरीर में आयोडीन की कमी के लक्षण

World Iodine Deficiency Day: थकान, वजन बढ़ना या गले में सूजन, ये शरीर में आयोडीन की कमी के संकेत हो सकते हैं। WHO, क्लीवलैंड क्लिनिक और नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन से जानिए इसके कारण, लक्षण और बचाव के उपाय।
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भारत

•

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Nidhi Yadav

•

Oct 21, 2026

Iodine deficiency symptoms, thyroid health, and iodized salt benefits in India

शरीर में आयोडीन की कमी से थायराइड और मेटाबॉलिज्म पर बुरा असर पड़ता है, जिससे बचने के लिए हमेशा आयोडीन युक्त नमक का ही सेवन करना चाहिए- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Global Iodine Deficiency Disorders Prevention Day: सुबह उठते ही शरीर में भारीपन महसूस होना, बिना कुछ खाए-पिए वजन लगातार बढ़ता जाना या फिर गले के पास हल्की सी सूजन दिखना ये ऐसी छोटी चीजें हैं जिन्हें हम अक्सर भागदौड़ भरी जिंदगी की थकान मानकर टाल देते हैं। लेकिन जरा रुकिए! क्या आपने कभी सोचा है कि आपके शरीर की थायराइड ग्रंथि अंदर ही अंदर किसी बड़ी परेशानी से जूझ रही हो? हमारे शरीर को सुचारू रूप से चलाने के लिए कई तरह के विटामिंस और मिनरल्स चाहिए होते हैं, और उनमें से एक बेहद जरूरी खनिज है आयोडीन। भारत सरकार के स्वास्थ्य रिपोर्ट के अनुसार, 21 अक्टूबर को वैश्विक आयोडीन कमी विकार (आईडीडी) रोकथाम दिवस (Global Iodine Deficiency Disorders Prevention Day) मनाया जाता है,आइए आज इस मौके पर जानते हैं कि हमारे शरीर में आयोडीन की कमी क्यों होती है और इससे कैसे बचा जा सकता है?

शरीर के लिए क्यों जरूरी है आयोडीन?

WHO ( विश्व स्वास्थ्य संघठन) के अनुसार, हमारे गले में मौजूद थायराइड ग्रंथि खास हॉर्मोन बनाती है जो हमारे खाने को ऊर्जा में बदलते हैं (यानी मेटाबॉलिज्म संभालते हैं), दिमाग का विकास करते हैं और शरीर को एक्टिव रखते हैं। जब शरीर में इस खनिज की कमी होने लगती है, तो थायराइड सुस्त पड़ जाता है और शरीर के बाकी हिस्से भी जवाब देने लगते हैं।

शरीर में आयोडीन की कमी के ये हैं मुख्य संकेत

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, जब शरीर में आयोडीन घटने लगता है, तो वह अलग-अलग तरीकों से इशारे देता है। इन लक्षणों को पहचानना बहुत जरूरी है;

  • गले का हिस्सा फूलना (घेंघा रोग)।
  • वजन का बढ़ना।
  • हर वक्त थकान और सुस्ती।
  • त्वचा का रुखा होना और बाल टूटना।
  • हद से ज्यादा ठंड लगना।

शरीर में आयोडीन की कमी क्यों हो जाती है?

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, हमारा शरीर खुद आयोडीन नहीं बना सकता, इसलिए यह पूरी तरह हमारे खान-पान पर टिका है। इसके मुख्य कारण ये हैं;

  • मिट्टी में कमी- कई इलाकों की मिट्टी और पानी में प्राकृतिक रूप से आयोडीन बहुत कम होता है। वहां उगने वाली सब्जियों और अनाज में भी इसकी कमी रह जाती है।
  • साधारण नमक का इस्तेमाल- अगर कोई पैक्ड या बिना आयोडीन वाला खुला नमक खाता है, तो शरीर को जरूरत के हिसाब से यह खनिज नहीं मिल पाता।
  • खान-पान की अनदेखी- खासकर प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को ज्यादा आयोडीन चाहिए होता है, ऐसे में अगर सही डाइट न मिले तो दिक्कत बढ़ जाती है।

इस परेशानी से बचने के उपाय

  • हमेशा आयोडीन वाला नमक ही खाएं।
  • नमक को सही जगह रखें।
  • रोजमर्रा के खाने में दूध, दही, पनीर और अंडे जैसी चीजों को जरूर जगह दें।
  • कोई इन लक्षणों से जूझ रहा है, तो अपनी मर्जी से कोई सप्लीमेंट न लें।

थकान और वजन बढ़ने को सिर्फ बढ़ती उम्र या काम का दबाव मानकर छोड़ देना समझदारी नहीं है। आयोडीन जैसी छोटी सी चीज की कमी हमारी पूरी सेहत बिगाड़ सकती है। बस थोड़ी सी सावधानी, सही नमक का चुनाव और पौष्टिक खाना आपको और आपके परिवार को पूरी तरह स्वस्थ रख सकता है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।