Garlic in Nose: नाक बंद होने पर नाक में लहसुन डालने का घरेलू नुस्खा नुकसान पहुंचा सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक, इससे जलन, सूजन और सांस की नली में संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। जानें बंद नाक खोलने के सुरक्षित उपाय और फिजिशियन की जरूरी सलाह।
Garlic in Nose Side Effects: बंद नाक की समस्या में लोग कथित घरेलू नुस्खों को अपनाने लगते हैं। इन्हीं में एक नुस्खा है नाक में लहसुन की कली डालना। कुछ लोगों को लगता है कि इससे जमा हुआ बलगम बाहर निकल जाता है और नाक खुल जाती है। लेकिन यह तरीका फायदे से ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है। लहसुन में मौजूद तेज तत्व नाक की अंदरूनी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे जलन, सूजन और सांस लेने में परेशानी तक हो सकती है।
आइए डॉक्टर संदीप जोशी (MD, फिजिशियन) से जानते हैं इससे क्या-क्या नुकसान हो सकता है।
फिजिशियन के मुताबिक, लहसुन में एलिसिन (Allicin) नाम का एक तेज कंपाउंड होता है, जो शरीर के लिए कई मामलों में फायदेमंद जरूर माना जाता है, लेकिन इसे सीधे नाक में डालना सही नहीं है। नाक के अंदर की त्वचा बहुत संवेदनशील होती है। ऐसे में लहसुन डालने से जलन, सूजन या एलर्जी जैसी परेशानी हो सकती है। कुछ मामलों में यह नाक के अंदर की नमी को भी प्रभावित कर सकता है, जिससे जलन और ज्यादा बढ़ सकती है। अगर किसी को पहले से साइनस या एलर्जी की समस्या है, तो दिक्कत और बढ़ सकती है।
अगर लहसुन का छोटा टुकड़ा नाक के अंदर फंस जाए या गलती से सांस के रास्ते में चला जाए, तो संक्रमण या सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। छोटे बच्चों या बुजुर्गों में यह जोखिम और ज्यादा हो सकता है। कई बार लोग राहत की उम्मीद में बार-बार ऐसा करने लगते हैं, जिससे नाक के अंदर घाव बनने का खतरा भी बढ़ सकता है।
फिजिशियन सलाह देते हैं कि बंद नाक होने पर सुरक्षित उपाय अपनाने चाहिए। जैसे भाप लेना, गुनगुना पानी पीना, नमक वाले पानी (सलाइन ड्रॉप्स) का इस्तेमाल या जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेना। अगर नाक कई दिनों तक बंद रहे, बुखार आए या सांस लेने में परेशानी हो, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।