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ज्यादा तेल-घी और मीठा खा रहे हैं, स्टडी में याददाश्त को लेकर अलर्ट, मनोचिकित्सक से जानें दिमाग पर क्या होता है असर

High Fat Sugar : नई रिसर्च में पाया गया है कि ज्यादा तेल-घी और मीठा खाना दिमाग की याददाश्त और सीखने की क्षमता को कमजोर कर सकता है। यह स्टडी बताती है कि हाई फैट और शुगर डाइट का असर ब्रेन हेल्थ पर पड़ता है, जिससे फोकस और मेमोरी पर नकारात्मक प्रभाव दिख सकता है।

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भारत

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Nidhi Yadav

May 23, 2026

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तेल-घी और मीठा- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- gemini)

High Fat Sugar Diet: जरूरत से ज्यादा तेल-घी (फैट) और मीठा (शुगर) खाने से सिर्फ पेट और वजन ही नहीं बढ़ता, बल्कि इसका सीधा असर हमारे दिमाग और याददाश्त पर भी पड़ता है? न्यूट्रिशनल न्यूरोसाइंस की स्टडी में यह बात सामने आई है कि जो लोग लंबे समय तक बहुत ज्यादा फैटी और मीठा खाना खाते हैं, उनकी याद रखने और कुछ भी नया सीखने की क्षमता कम होने लगती है। हमारे दिमाग में एक हिस्सा होता है जिसे हिप्पोकैम्पस कहते हैं। यही हिस्सा हमारी याददाश्त को संभालता है, और ज्यादा खराब डाइट से सबसे पहले इसी हिस्से को नुकसान पहुंचता है। मनोचिकित्सक डॉक्टर आदित्य सोनी (MD,Psychiatrist) से जानें हेल्दी चीजें खाने का हमारे शरीर पर क्या असर पड़ता है।

क्या है यह नई रिसर्च?

इस रिसर्च में यह देखा गया कि लगातार अनहेल्दी खाना खाने से दिमाग की काम करने की ताकत धीरे-धीरे कम होने लगती है। चौंकाने वाली बात यह है कि अगर आप लंबे समय तक बहुत ज्यादा मीठा खाते हैं और बाद में अपनी डाइट सुधार भी लेते हैं, तब भी दिमाग को हुए नुकसान को पूरी तरह ठीक होने में काफी समय लग जाता है।

हेल्दी खाना खाने से दिमाग पर क्या असर पड़ता है?

1. याददाश्त तेज- हरी पत्तेदार सब्जियां, बादाम, अखरोट और कद्दू के बीज जैसी चीजों में ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में मिलते हैं। ये चीजें दिमाग की नसों को सुरक्षित रखती हैं, जिससे हमारी सोचने, समझने और किसी भी बात को लंबे समय तक याद रखने की ताकत बढ़ती है।

2. भूलने की बीमारी का खतरा कम- अगर हम लगातार अपनी डाइट में एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर चीजें शामिल करते हैं, तो बढ़ती उम्र में होने वाली भूलने की गंभीर बीमारी (जैसे डिमेंशिया या अल्जाइमर) का खतरा बहुत हद तक कम हो जाता है। इससे ढलती उम्र में भी दिमाग सही से काम करता रहता है।

3. फोकस बढ़ता है- साबुत अनाज जैसे कि ओट्स, दलिया और ब्राउन राइस खाने से हमारे शरीर को धीरे-धीरे और लगातार एनर्जी मिलती रहती है। इससे खून में शुगर का लेवल अचानक से घटता-बढ़ता नहीं है, जिससे सुस्ती नहीं आती और हम बिना ध्यान भटके अपने काम पर पूरा फोकस कर पाते हैं।

ज्यादा तेल-घी और मीठा दिमाग को कैसे नुकसान पहुंचाता है?

  • शरीर में सूजन बढ़ सकती है।
  • ब्लड शुगर बार-बार ऊपर-नीचे होता है।
  • दिमाग को मिलने वाली ऊर्जा असंतुलित हो जाती है।
  • न्यूरॉन्स (brain cells) के बीच धीमा पड़ सकता है।

क्या एक-दो बार खाने से याददाश्त चली जाएगी?

बिल्कुल नहीं। ऐसा नहीं है कि आपने कभी कभार बर्गर या मिठाई खा ली तो आप सब कुछ भूल जाएंगे। नुकसान तब होता है जब यह आपकी रोज की आदत बन जाती है। लंबे समय तक ऐसा खाना खाने से ध्यान लगाने में कमी और भूलने की बीमारी बढ़ने लगती है।

किन लोगों को ज्यादा खतरा है?

  • जो रोज फास्ट फूड खाते हैं।
  • जिनकी चीनी की मात्रा ज्यादा है।
  • जो शारीरिक गतिविधि कम करते हैं।
  • जिनकी नींद पूरी नहीं होती।

इससे बचाव कैसे करें?

  • मीठा कम करें (खासकर कोल्ड ड्रिंक, मिठाई)।
  • तला-भुना खाना सीमित करें।
  • हरी सब्जियां और फल ज्यादा खाएं।
  • रोज हल्की एक्सरसाइज करें।
  • 7–8 घंटे की नींद जरूर लें।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।