स्वास्थ्य

क्या खाना खाने के बाद बार-बार सीने में जलन होती है? यह सिर्फ एसिडिटी नहीं, GERD का संकेत भी हो सकता है

GERD Causes: खाना खाने के बाद बार-बार सीने में जलन, खट्टी डकार और गले तक एसिड आना GERD के संकेत हो सकते हैं। जानिए इसके लक्षण, कारण, इलाज और बचाव।
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Jul 03, 2026
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खट्टी डकार और गले तक एसिड आना GERD के संकेत (photo- freepik)

GERD Symptoms: खाना खाने के बाद सीने में जलन होना, खट्टी डकार आना या गले तक खट्टा पानी महसूस होना कई लोगों के लिए आम बात है। अक्सर लोग इसे गैस या साधारण एसिडिटी मानकर एंटासिड खा लेते हैं। लेकिन अगर यह परेशानी बार-बार होने लगे, खासकर हफ्ते में दो या उससे ज्यादा बार, तो इसे हल्के में लेना सही नहीं है। यह GERD (Gastroesophageal Reflux Disease) का संकेत भी हो सकता है।

Mayo Clinic के अनुसार, GERD एक ऐसी स्थिति है जिसमें पेट का एसिड बार-बार भोजन नली (Esophagus) में वापस आने लगता है। लगातार ऐसा होने पर भोजन नली में जलन, सूजन और अन्य समस्याएं हो सकती हैं।

GERD क्या होता है?

हमारे पेट और भोजन नली के बीच एक मांसपेशी होती है, जिसे लोअर एसोफिजिअल स्फिन्कटर (LES) कहा जाता है। सामान्य स्थिति में यह खाना पेट में जाने के बाद बंद हो जाती है। Cleveland Clinic के अनुसार, जब यह मांसपेशी कमजोर हो जाती है या सही समय पर बंद नहीं होती, तो पेट का एसिड वापस भोजन नली में आने लगता है। इसी स्थिति को एसिड रिफ्लक्स कहा जाता है। यदि यह समस्या बार-बार होने लगे, तो इसे GERD कहा जाता है।

  1. खाना खाने के बाद सीने में जलन

यह GERD का सबसे सामान्य लक्षण है। जलन अक्सर छाती के बीच में महसूस होती है और कई लोगों में खाना खाने या लेटने के बाद बढ़ जाती है।

  1. गले तक खट्टा पानी या खाना आना

अगर खाना खाने के बाद ऐसा महसूस हो कि खट्टा पानी या भोजन गले तक वापस आ रहा है, तो इसे Regurgitation कहा जाता है। Mayo Clinic के अनुसार, यह GERD का प्रमुख संकेत माना जाता है।

  1. रात में ज्यादा परेशानी होना

कई लोगों को रात में सोते समय सीने में जलन बढ़ जाती है। NIDDK (National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases) के अनुसार, लेटने पर पेट का एसिड आसानी से भोजन नली में लौट सकता है, इसलिए रात के समय लक्षण अधिक महसूस हो सकते हैं।

  1. लगातार खांसी या आवाज बैठना

अगर बिना सर्दी-जुकाम के लंबे समय से खांसी बनी हुई है या सुबह उठने पर आवाज भारी रहती है, तो इसकी वजह सिर्फ गले का संक्रमण नहीं भी हो सकती। बार-बार एसिड गले तक पहुंचने से गले में जलन और आवाज पर असर पड़ सकता है।

  1. निगलने में परेशानी

यदि खाना निगलते समय ऐसा लगे कि भोजन अटक रहा है या निगलने में दर्द हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।लगातार एसिड रिफ्लक्स भोजन नली में सूजन या संकुचन का कारण बन सकता है।

किसे है ज्यादा खतरा और क्या हर जलन GERD है?

मायो क्लिनिक और NIDDK के अनुसार, मोटापा, गर्भावस्था, धूम्रपान और देर रात भारी या मसालेदार भोजन करने से जीईआरडी (GERD) का खतरा बढ़ जाता है। 'हायटल हर्निया' जैसी मेडिकल स्थिति भी इसका कारण बन सकती है। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि इन स्थितियों से जूझ रहे हर व्यक्ति को यह बीमारी हो ही। अक्सर लोग हर तरह की सीने की जलन को GERD मान लेते हैं, जबकि कभी-कभी ज्यादा खाने या मिर्च-मसाले की वजह से भी अस्थायी एसिडिटी हो सकती है। लेकिन अगर यह समस्या बार-बार हो और रात की नींद खराब करने लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

जांच और राहत के आसान उपाय

शुरुआत में डॉक्टर लक्षणों को देखकर दवाओं और लाइफस्टाइल में बदलाव की सलाह देते हैं। जरूरत पड़ने पर अपर एंडोस्कोपी या इसोफेजियल पीएच मॉनिटरिंग जैसी जांचें की जाती हैं। इससे राहत पाने के लिए NIDDK और क्लीवलैंड क्लिनिक कुछ आसान बदलावों की सलाह देते हैं, जैसे, एक बार में ज्यादा न खाना, खाने के तुरंत बाद लेटने से बचना और सोने से 2-3 घंटे पहले डिनर कर लेना। इसके अलावा वजन को काबू में रखना, धूम्रपान-शराब से दूरी बनाना और बिना डॉक्टरी सलाह के लंबे समय तक एंटासिड दवाएं न लेना बेहद जरूरी है।

कब है तुरंत डॉक्टर से मिलने की जरूरत?

अगर सीने की जलन के साथ खाना निगलने में तकलीफ हो रही हो, बिना वजह वजन घट रहा हो, या बार-बार उल्टी आ रही हो, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। सबसे जरूरी बात यह है कि यदि उल्टी या मल में खून के लक्षण दिखें, या सीने का तेज दर्द हाथ, जबड़े और पीठ तक फैल रहा हो, तो बिल्कुल लापरवाही न बरतें। यह दिल के दौरे (हार्ट अटैक) का संकेत भी हो सकता है, इसलिए ऐसी स्थिति में बिना वक्त गंवाए तुरंत इमरजेंसी मेडिकल सहायता लें।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Published on:
03 Jul 2026 04:01 pm