GLP-1 Drugs and Addiction: नई रिसर्च के अनुसार GLP-1 दवाएं जैसे Ozempic, Wegovy और Mounjaro न सिर्फ वजन घटाने और डायबिटीज कंट्रोल में मदद करती हैं, बल्कि शराब और सिगरेट की लत कम करने में भी असर दिखा सकती हैं।
GLP-1 Drugs and Addiction: डायबिटीज और मोटापा कम करने के लिए बनाई गई कुछ दवाएं अब एक नई वजह से चर्चा में हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि ये दवाएं सिर्फ वजन और ब्लड शुगर ही नहीं नियंत्रित करतीं, बल्कि शराब, सिगरेट और अन्य नशे की लत को कम करने में भी मदद कर सकती हैं।
इन दवाओं को GLP-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट कहा जाता है। इनमें मशहूर दवाएं जैसे Ozempic, Wegovy और Mounjaro शामिल हैं। पिछले कुछ सालों में इन दवाओं की मांग काफी बढ़ी है क्योंकि ये वजन घटाने और मेटाबॉलिक हेल्थ सुधारने में असरदार मानी जाती हैं।
हाल ही में मेडिकल जर्नल The BMJ में प्रकाशित एक बड़े अध्ययन में दिलचस्प नतीजे सामने आए। इस रिसर्च में अमेरिका के 6 लाख से ज्यादा लोगों के डेटा का विश्लेषण किया गया, जो टाइप-2 डायबिटीज से पीड़ित थे। अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों ने GLP-1 दवाएं लीं, उनमें नशे से जुड़ी समस्याओं का खतरा कम था। उदाहरण के लिए शराब की लत का खतरा करीब 18 प्रतिशत कम पाया गया। इसके अलावा कैनाबिस, कोकीन, निकोटिन और ओपिओइड जैसे नशों के मामलों में भी कमी देखी गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि इसका कारण इन दवाओं का दिमाग पर पड़ने वाला असर हो सकता है। दिल्ली के डॉक्टर Anoop Misra के अनुसार ये दवाएं दिमाग के उस हिस्से पर असर डालती हैं जिसे रिवार्ड सिस्टम कहा जाता है। यही सिस्टम तय करता है कि हमें किस चीज से खुशी या संतुष्टि मिलती है। जब यह सिस्टम प्रभावित होता है तो व्यक्ति की क्रेविंग यानी किसी चीज की तीव्र इच्छा कम हो सकती है। यही वजह है कि कुछ मरीजों ने बताया कि इन इंजेक्शन लेने के बाद उन्हें जंक फूड, शराब या सिगरेट की इच्छा कम होने लगी।
केरल के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट Rajeev Jayadevan का कहना है कि कई मरीजों ने यह अनुभव साझा किया है कि वजन कम करने के लिए GLP-1 इंजेक्शन लेने के बाद उनकी शराब और तंबाकू की इच्छा भी कम हो गई। हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि इसका एक कारण व्यवहार में बदलाव भी हो सकता है। जब मरीज ऐसी दवाएं लेना शुरू करते हैं, तो उन्हें हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने की सलाह दी जाती है। इससे भी वे शराब या सिगरेट कम कर सकते हैं।
फिलहाल वैज्ञानिक इस विषय पर और शोध कर रहे हैं। अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि ये दवाएं नशे की लत का पूरा इलाज बन सकती हैं। लेकिन शुरुआती अध्ययन यह जरूर संकेत देते हैं कि भविष्य में इनका इस्तेमाल नशे की लत के इलाज में भी किया जा सकता है।