29 अप्रैल 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Aant Ka Cancer : युवाओं में आंत का कैंसर बढ़ रहा, वैज्ञानिक चिंतित! जानिए लक्षण और कारण

Aant Ka Cancer Symptoms : BMJ Oncology में प्रकाशित शोध के अनुसार, 50 साल से कम उम्र के वयस्कों में विशेष रूप से आंत (Bowel) और ओवेरियन कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं। कैंसर एक्सपर्ट डॉ. जयेश शर्मा से समझिए आंत के कैंसर के लक्षण और कारण।

3 min read
Google source verification

भारत

image

Ravi Gupta

Apr 29, 2026

Aant ka cancer

आंत का कैंसर (प्रतीकात्मक तस्वीर) Photo - Gemini AI

Aant ka cancer : कैंसर तेजी से पैर पसार रहा है। एक शोध रिपोर्ट में ये बात सामने आई है कि 50 साल से कम उम्र के वयस्कों में आंत (Bowel) और ओवेरियन कैंसर बढ़ रहा है। आइए, आंत के कैंसर के लक्षण और कारण के बारे में कैंसर सर्जन डॉ. जयेश शर्मा से जानते हैं।

युवाओं में कैंसर के बढ़ते मामले: शोध

जर्नल BMJ Oncology में प्रकाशित शोध के अनुसार, इंग्लैंड में 50 साल से कम उम्र के वयस्कों में कैंसर के मामलों में भारी बढ़ोतरी देखी गई है। विशेष रूप से आंत (Bowel) और ओवेरियन कैंसर के मामले केवल युवाओं में बढ़ रहे हैं, जबकि बुजुर्गों में इनके बढ़ने की दर स्थिर है।

2001 से 2019 के बीच, 22 में से 16 प्रकार के कैंसर युवा महिलाओं में और 21 में से 11 प्रकार के कैंसर युवा पुरुषों में काफी बढ़े हैं। इनमें प्रमुख कैंसर थायराइड, लिवर, किडनी, अग्न्याशय (Pancreatic), गर्भाशय की परत (Endometrial), ब्रेस्ट और माउथ कैंसर जैसे 11 प्रकार के कैंसर हैं। ये तेजी से बढ़े हैं।

महिलाओं पर असर

5 तरह के कैंसर (एंडोमेट्रियल, किडनी, पैंक्रियाटिक, मल्टीपल मायलोमा और थायराइड) बुजुर्ग महिलाओं की तुलना में युवा महिलाओं में बहुत तेज़ गति से बढ़ रहे हैं।

Doctor Opinion : कैंसर एक्सपर्ट से समझिए

डॉ. जयेश शर्मा ने पत्रिका के साथ बातचीत में बताया कि आंतों का कैंसर कारण लाइफस्टाइल से जुड़ा है। साथ ही इसके लक्षण कई रूप में सामने आते हैं। हालांकि, लक्षण के आधार पर पहचान करना मुश्किल होता है। इसलिए, जांच आदि जरूरी है। आपको आंत के कैंसर के बारे में कुछ बातें जान लेनी चाहिए, जो निम्नलिखित हैं:

आंत के कैंसर के कारक (Risk Factors)

आंत के कैंसर के पीछे शोधकर्ताओं ने इन व्यवहार संबंधी कारकों को मुख्य जिम्मेदार माना है:

  • धूम्रपान (Smoking): फेफड़ों के साथ-साथ यह आंतों के लिए भी घातक साबित हो रहा है।
  • शराब का सेवन (Alcohol Intake): नियमित शराब पीने वालों में आंत के कैंसर का जोखिम अधिक देखा गया।
  • शारीरिक निष्क्रियता: व्यायाम की कमी या लंबे समय तक बैठे रहने वाली जीवनशैली।

खान-पान की भूमिका

  • 1- फाइबर फूड की कमी: शोध के अनुसार, 2018 तक लगभग 90% युवा पर्याप्त मात्रा में फाइबर (रेशेदार भोजन) नहीं ले रहे थे, जो आंतों के स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है।
  • 2- रेड और प्रोसेस्ड मीट: लाल मांस और डिब्बाबंद मांस का अधिक सेवन आंत के कैंसर के खतरे को बढ़ाता है। हालांकि, शोध में यह भी देखा गया कि इंग्लैंड में पिछले दशक में रेड मीट के सेवन में कमी आई है, फिर भी कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं।
  • 3- अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड: बहुत ज्यादा केमिकल और प्रिजर्वेटिव वाले खाद्य पदार्थ।
  • 4- गट माइक्रोबायोम: आंतों के अंदर रहने वाले अच्छे और बुरे बैक्टीरिया का असंतुलन।

आंत के कैंसर के लक्षण (Bowel Cancer Symptoms)

मल त्याग की आदतों में बदलाव (Changes in Bowel Habits)

यह सबसे आम लक्षण है। यदि आपकी नियमित दिनचर्या में बदलाव आता है और वह 3 हफ्ते या उससे अधिक समय तक बना रहता है, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए:

  • कब्ज या दस्त: बार-बार दस्त होना या सामान्य से अधिक बार मल त्याग के लिए जाना।
  • मल का स्वरूप: मल का सामान्य से अधिक पतला या संकरा (Narrow/Ribbon-like) होना।
  • पेट भरा लगना: मल त्याग करने के बाद भी ऐसा महसूस होना कि पेट पूरी तरह साफ नहीं हुआ है।

मल में खून आना (Blood in Stool)

रंग: मल में गहरे लाल या काले रंग का खून दिख सकता है। कई बार खून दिखाई नहीं देता, लेकिन वह मल के अंदर मौजूद होता है, जिससे मल का रंग बहुत गहरा हो जाता है।

गुदा से रक्तस्राव: बिना किसी दर्द के शौच के दौरान ताजा लाल खून आना।

पेट में लगातार बेचैनी (Abdominal Discomfort)

दर्द और ऐंठन: पेट में बार-बार दर्द, गैस या मरोड़ उठना।
ब्लोटिंग: पेट का हमेशा फूला हुआ महसूस होना।

बिना कारण वजन कम होना (Unexplained Weight Loss)

यदि आप बिना किसी प्रयास (डाइट या एक्सरसाइज) के अचानक वजन कम कर रहे हैं, तो यह कैंसर का एक चेतावनी भरा संकेत हो सकता है।

थकान और एनीमिया (Anemia and Fatigue)

आंत के अंदर छिपे हुए रक्तस्राव (Hidden bleeding) के कारण शरीर में आयरन की कमी हो जाती है, जिससे एनीमिया होता है। इसके कारण व्यक्ति को हर समय बहुत अधिक थकान, कमजोरी और सांस फूलने की समस्या महसूस होती है।

पेट में गांठ या भारीपन

पेट के दाहिने हिस्से या गुदा (Rectum) में गांठ या भारीपन महसूस होना। आपको उपरोक्त लक्षण नजर आए तो डॉक्टर से संपर्क करें।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न शोधों और वैज्ञानिक अध्ययनों पर आधारित है, जिसका उद्देश्य केवल जागरूकता बढ़ाना और शैक्षिक जानकारी प्रदान करना है। इसे किसी बीमारी के उपचार या डॉक्टरी सलाह के रूप में न लें। अपनी जीवनशैली या आहार में कोई भी बदलाव करने से पहले किसी योग्य चिकित्सक या संबंधित विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

बड़ी खबरें

View All

स्वास्थ्य

ट्रेंडिंग

लाइफस्टाइल