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Muh Ka Cancer : गुटखा-तंबाकू खाने वाले सावधान! मुंह बराबर नहीं खुलना भी कैंसर का लक्षण, कैंसर डॉक्टर ने बताई ये बातें

Muh ke cancer : भारत में सबसे अधिक ओरल कैंसर के मरीज हैं। अगर मुंह के कैंसर के शुरुआती लक्षण को पहचान लिया जाए तो ठीक होने के चांसेज अधिक हैं। चलिए, कैंसर सर्जन डॉ. जयेश शर्मा से जानते हैं कि मुंह के कैंसर की पहचान घर पर कैसे कर सकते हैं।

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भारत

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Ravi Gupta

Jan 05, 2026

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प्रतीकात्मक तस्वीर | Photo - Gemini AI

Muh Ke Cancer Ke Lakshan : वैज्ञानिक इस बात को बचा चुके हैं कि गुटखा, सिगरेट का सेवन करने वालों को मुंह का कैंसर होने का 90 प्रतिशत संभावना है। इसके बावजूद भी गुटखा-सिगरेट खाने वाले अपनी आदत से बाज नहीं आते हैं। अगर, मुंह के कैंसर का शुरुआती लक्षण आपने नजरअंदाज कर दिया तो मरना भी तय मानिए। इसलिए, डॉ. जयेश शर्मा, कैंसर सर्जन ने कुछ लक्षण बताए हैं जिससे मुंह के कैंसर की पहचान घर पर की जा सकती है।

Expert Advice | डॉ. जयेश शर्मा, कैंसर सर्जन की ओरल कैंसर पर राय

डॉ. जयेश शर्मा ने बताया कि ओरल कैंसर पुरुषों का सबसे कॉमन कैंसर है और महिलाओं में भी सबसे कॉमन कुछ कैंसर में से एक है। इसके अर्ली स्टेज में पहचान करके इलाज करना सही है। इसको स्टेज जीरो में भी पकड़ा जा सकता है। उस टाइम पर करीब करीब हंड्रेड परसेंट सक्सेस मिलता है।

स्टेज वन स्टेज टू में 80 से 90 परसेंट लोग ठीक हो जाते हैं। यहां तक कि स्टेज थ्री में ज्यादातर लोग ठीक हो जाते हैं। सिर्फ स्टेज 4 तक हमको उसको पहुंचने नहीं देना है। उसी टाइम पर सबसे ज्यादा प्रॉब्लम्स होती हैं। दुर्भाग्यवश भारत में करीब 70 परसेंट लोग स्टेज 3 और स्टेज 4 में आते हैं। इसी कारण ओरल कैंसर से मौत होने के चांसेज बढ़ जाते हैं।

मुंह के कैंसर के कारण

सबसे बड़ा कारण इसका तंबाकू है, जो गुटखा और खैनी उसमें सबसे कॉमन है, लेकिन सिगरेट पीने वालों को, बीड़ी पीने वालों को, यहां तक कि हुक्का से भी यह कैंसर हो सकता है। दूसरा बड़ा कारण भारत में टेढ़े बेढ़े दांत और दांतों की वजह से बार बार एक ही जगह पर चोट लगना है, तो कई बार जो लोग कोई व्यसन नहीं करते हैं, उनको भी यह कैंसर हो जाता है। ज्यादातर वह टेढ़े बेढ़े दांतों की वजह से होता है और तीसरा एक बड़ा कारण है शराब। तो सिगरेट से कैंसर होता है। यह तो हम सब जानते हैं कि अल्कोहॉल से भी कैंसर होता है बहुत कम लोगों को पता है तो खासकर वो लोग जो तम्बाकू और शराब दोनों यूज करते हैं उनको यह कैंसर होने का रिस्क बहुत ज्यादा रहता है।

Muh Ke Cancer Ke Lakshan | मुंह के कैंसर के शुरुआती लक्षण

डॉ. शर्मा ने कहा कि इसको पकड़ना बहुत आसान है। अगर आप गुटखा-तंबाकू का सेवन करते हैं तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। मुंह के कैंसर के लक्षण निम्नलिखित हैं-

  • मुंह के अंदर कोई भी छाला अगर 15 दिन तक नहीं भर रहा है।
  • जीभ के ऊपर कोई घाव बन गया है या जीभ में कोई गांठ जैसी महसूस हो रही है।
  • तलवे में, गले में कोई गांठ या छाला जैसा फील हो रहा है।
  • किसी दांत से खून आ रहा है। कोई एक दांत हिलने लग जाए जबकि बाकी के दांत बिल्कुल ठीक लग रहे हैं।

मुंह के कैंसर का खतरनाक लक्षण

अगर मुंह बराबर नहीं खुल रहा है तो वो भी एक साइन होता है कि आगे जाके कैंसर हो सकता है। जिनका मुंह कम खुलता है वो उनको डबल प्रॉब्लम्स होते हैं। एक तो कैंसर होने का रिस्क ज्यादा है ही उस तरह की कंडीशन में और दूसरा क्योंकि मुंह खुलता नहीं है, इसलिए वो कैंसर अक्सर जल्दी पकड़ में नहीं आता। बहुत में नहीं आता, इसलिए वह इलाज कराने लेट भी पहुंचते हैं।

15 दिन से पहले करा लें जांच

उपरोक्त सब मुंह के कैंसर के लक्षण हो सकते हैं और इन सब को हम आसानी से पकड़ सकते हैं। सिंपल करना यही है किसी ईएनटी सर्जन या ऑन्को सर्जन से जाकर मिलिए. ज्यादातर केस में यह कैंसर नहीं होता है। अगर पंद्रह दिन से ज्यादा कोई भी छाला या घाव है तो किसी से जाकर मिल लें, वो आपके डाउट को क्लियर कर देंगे।

तम्बाकू छोड़ने के बाद भी कैंसर का कितना खतरा

तम्बाकू छोड़ने के बाद भी कैंसर होने का चांस रहता है, लेकिन धीरे धीरे कम होता जाता है। कई सालों तक जिस दिन छोड़ा उस दिन से कम होना चालू होता है और कई सालों तक धीरे धीरे कम होकर कुछ टाइम के बाद वो नॉर्मल रिस्क पे आ जाते हैं।