
50 Plus Health Tips: उम्र बढ़ने के साथ शरीर की जरूरतें भी बदलने लगती हैं। अगर आपने 50 की उम्र पार कर ली है और अब पहले की तरह खाना आसानी से पच नहीं रहा, पेट भारी रहता है, कब्ज की शिकायत बढ़ गई है या ब्लड शुगर कंट्रोल करना मुश्किल लग रहा है, तो इसकी वजह सिर्फ उम्र नहीं हो सकती। इसका संबंध आपकी गट हेल्थ (आंतों की सेहत) से भी हो सकता है।
यूनिवर्सिटी ऑफ कैनसस के प्रोफेसर और गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. प्रतीक शर्मा के अनुसार, हमारी आंतों को अक्सर दूसरा दिमाग (Second Brain) कहा जाता है, क्योंकि यह नसों, हार्मोन और इम्यून सिस्टम के जरिए सीधे दिमाग से जुड़ी रहती हैं। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, गट माइक्रोबायोम में बदलाव आने लगते हैं, जिसका असर पाचन, मेटाबॉलिज्म और मानसिक स्वास्थ्य तक पर पड़ सकता है।
डॉ. शर्मा के अनुसार, 50 के दशक में शरीर की मांसपेशियां धीरे-धीरे कम होने लगती हैं, इसलिए हर भोजन में पर्याप्त प्रोटीन लेना जरूरी है। इसके साथ ही फाइबर आंतों में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया को पोषण देता है, कब्ज से बचाता है और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद करता है। अगर इस उम्र में फाइबर और प्रोटीन की कमी हो जाए, तो कब्ज, पेट फूलना, कमजोरी और वजन बढ़ने जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
हार्वर्ड टी.एच. चान स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के अनुसार, बढ़ती उम्र में प्रोटीन मांसपेशियों को मजबूत रखने और शरीर की रिकवरी के लिए जरूरी है। दालें, पनीर, अंडे, मछली और लो-फैट डेयरी अच्छे विकल्प हैं।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑन एजिंग (NIA) के मुताबिक, फल, सब्जियां, साबुत अनाज और दालें कब्ज से बचाने के साथ आंतों की सेहत बेहतर बनाए रखने में मदद करती हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) सलाह देता है कि 50 वर्ष के बाद भी नियमित शारीरिक गतिविधि मांसपेशियों, दिल और पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करती है। रोज 30 मिनट तेज चलना भी फायदेमंद हो सकता है।
उम्र बढ़ने के साथ प्यास का एहसास कम हो सकता है। Mayo Clinic के अनुसार, पर्याप्त पानी पीने से कब्ज का खतरा कम होता है और शरीर बेहतर तरीके से काम करता है।
50 की उम्र के बाद ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर और कोलन कैंसर जैसी बीमारियों की समय-समय पर जांच कराना जरूरी है। CDC और American Cancer Society भी उम्र के अनुसार स्क्रीनिंग कराने की सलाह देते हैं।
डॉ. प्रतीक शर्मा का कहना है कि गट हेल्थ किसी एक दिन से नहीं, बल्कि रोज की आदतों से बनती है। अगर आप नियमित समय पर भोजन करते हैं, प्रोसेस्ड फूड कम खाते हैं, पर्याप्त फाइबर और प्रोटीन लेते हैं और रोज थोड़ा-बहुत चलते हैं, तो 50 की उम्र के बाद भी पाचन तंत्र को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।