Gut Thyroid Axis: क्या आपकी थायराइड की दवा बेअसर हो रही है? डॉक्टरों के अनुसार, 20% थायराइड हार्मोन हमारे पेट (Gut) में एक्टिव होते हैं। जानिए कैसे आपकी एसिडिटी, कब्ज और खराब पाचन तंत्र सीधे थायराइड को प्रभावित कर रहे हैं और इसे ठीक करने के उपाय।
Thyroid and Constipation Connection: जब भी किसी को वजन बढ़ने, बालों के झड़ने या लगातार थकान की शिकायत होती है, तो डॉक्टर सबसे पहले थायराइड टेस्ट कराने की सलाह देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके गले में मौजूद इस छोटी सी ग्रंथि (Thyroid Gland) का सीधा रिमोट कंट्रोल आपके पेट (Gut) में छिपा है? मेडिकल साइंस में इसे 'गट-थायराइड एक्सिस' (Gut-Thyroid Axis) कहा जाता है। आज के समय में यह मेडिकल रिसर्च का एक बहुत बड़ा विषय बन चुका है, क्योंकि भारत में हर पांच में से एक थायराइड मरीज पेट की गंभीर समस्याओं से भी जूझ रहा है।
सरल शब्दों में कहें तो हमारे पेट और थायराइड के बीच एक सीधा हाईवे है, जिसके जरिए ये दोनों लगातार एक-दूसरे से बातचीत करते हैं। हमारे पेट में अरबों अच्छे बैक्टीरिया होते हैं जिन्हें गट माइक्रोबायोम कहा जाता है। यह माइक्रोबायोम न सिर्फ भोजन पचाता है, बल्कि थायराइड हार्मोन्स के काम को भी कंट्रोल करता है।
डॉ. अंशुल अग्रवाल (एमडी, सीनियर एंडोक्रिनोलॉजिस्ट) के अनुसार, "थायराइड ग्रंथि मुख्य रूप से T4 हार्मोन बनाती है, जो निष्क्रिय (Inactive) होता है। इसे काम करने वाले सक्रिय (Active) T3 हार्मोन में बदलने के लिए हमारे पेट के स्वस्थ बैक्टीरिया की जरूरत होती है। लगभग 20% थायराइड हार्मोन का एक्टिवेशन पेट में ही होता है। इसलिए, अगर आपका पेट खराब है, तो शरीर में एक्टिव थायराइड हार्मोन की कमी होना तय है।"
जब हमारी खराब डाइट या एंटीबायोटिक्स के ज्यादा इस्तेमाल से पेट की अंदरूनी परत कमजोर हो जाती है, तो उसे लीकी गट कहते हैं। इससे अधपचा खाना और टॉक्सिन्स खून में मिलने लगते हैं। हमारा इम्यून सिस्टम इन्हें दुश्मन समझकर एंटीबॉडीज बनाने लगता है, जो गलती से थायराइड ग्रंथि पर हमला कर देती हैं। इसे 'हाशिमोटो थायराइडाइटिस' (Hashimoto's Thyroiditis) कहा जाता है, जो हाइपोथायरायडिज्म का सबसे बड़ा कारण है।
कई मरीज शिकायत करते हैं कि वे सालों से थायराइड की गोली (Levothyroxine) खा रहे हैं, फिर भी उनकी टीएसएच (TSH) रिपोर्ट नॉर्मल नहीं आ रही। डॉ. नीतिका शर्मा (गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट) बताती हैं, "थायराइड की दवा को शरीर में पूरी तरह सोखने (Absorb) के लिए पेट में सही मात्रा में एसिड होना जरूरी है। जो लोग लगातार एसिडिटी की दवाएं (Antacids या PPIs) खाते हैं, उनके पेट का एसिड कम हो जाता है। नतीजा यह होता है कि थायराइड की गोली बिना शरीर में सोखे सीधे बाहर निकल जाती है और मरीज की बीमारी कभी ठीक नहीं होती।"
हाइपोथायरायडिज्म के कारण आंतों की रफ्तार धीमी हो जाती है, जिससे भयंकर कब्ज होता है। जब मल लंबे समय तक पेट में सड़ता है, तो खराब बैक्टीरिया बढ़ जाते हैं, जो बचे-खुचे थायराइड हार्मोन्स को भी असंतुलित कर देते हैं। यह एक ऐसा चक्र है जो पेट से शुरू होकर थायराइड को और थायराइड से शुरू होकर पेट को बीमार बनाता रहता है।
प्रोबायोटिक्स का इस्तेमाल: रोज दोपहर के खाने में ताजी दही या मट्ठा (छाछ) जरूर लें। यह पेट के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाता है जिससे T4 से T3 का कन्वर्जन तेज होता है।
दवा खाने का सही तरीका: थायराइड की गोली सुबह खाली पेट सिर्फ सादे पानी के साथ लें। इसके कम से कम 1 घंटे बाद तक चाय, कॉफी या एंटासिड (एसिडिटी की दवा) बिल्कुल न लें।
फाइबर और प्रीबायोटिक्स: अपनी डाइट में प्याज, लहसुन, सेब और ओट्स शामिल करें। यह अच्छे बैक्टीरिया का भोजन हैं।
ग्लूटेन और चीनी से दूरी: अगर आपको थायराइड के साथ ब्लोटिंग (पेट फूलना) रहती है, तो कुछ समय के लिए गेहूं (ग्लूटेन) और रिफाइंड शुगर का सेवन कम करके देखें।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।