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थायरॉइड में गोभी और सोया खाना चाहिए या नहीं? जानिए क्या कहते हैं डॉक्टर

Thyroid Food Myths: क्या थायरॉइड मरीजों को गोभी, ब्रोकोली और सोया खाना बंद कर देना चाहिए? जानिए थायरॉइड डाइट से जुड़ी आम गलतफहमियां और एक्सपर्ट्स की सलाह।

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भारत

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Dimple Yadav

May 07, 2026

Thyroid Diet Hindi

Thyroid Diet Hindi (photo- chatgtp)

Thyroid Diet Hindi: थायरॉइड की समस्या सामने आते ही ज्यादातर लोग सबसे पहले अपनी डाइट बदलना शुरू कर देते हैं। इंटरनेट पर थायरॉइड डाइट सर्च करते ही लंबी लिस्ट सामने आ जाती है, जिसमें गोभी, ब्रोकोली, सोया और कई दूसरी चीजों को नुकसानदायक बताया जाता है। ऐसे में लोग डरकर अपनी पसंदीदा चीजें खाना छोड़ देते हैं।

डॉ. अंशुल गुप्ता (MD) एक प्रसिद्ध कार्यात्मक चिकित्सा (Functional Medicine) का कहना है कि थायरॉइड को लेकर इंटरनेट पर कई गलतफहमियां फैली हुई हैं। हर मरीज के लिए सभी चीजें नुकसानदायक नहीं होतीं। असली फर्क इस बात से पड़ता है कि आप क्या, कितना और किस तरीके से खा रहे हैं।

क्या गोभी और ब्रोकोली सच में नुकसान करती हैं?

अक्सर कहा जाता है कि गोभी, ब्रोकोली और पालक जैसी सब्जियां थायरॉइड को बढ़ा सकती हैं क्योंकि इनमें गोइट्रोजेन्स नाम के तत्व होते हैं। लेकिन एक्सपर्ट्स बताते हैं कि जब इन सब्जियों को पकाया जाता है, तो इनके नुकसानदायक तत्व काफी हद तक कम हो जाते हैं। यानी अगर आप इन्हें सही तरीके से पका कर खा रहे हैं, तो सामान्य मात्रा में ये ज्यादातर लोगों के लिए सुरक्षित मानी जाती हैं।

सोया को लेकर क्या है सच्चाई?

बहुत से लोग मानते हैं कि सोया खाने से थायरॉइड और हार्मोन पूरी तरह बिगड़ जाते हैं। लेकिन डॉक्टरों के मुताबिक प्राकृतिक और सीमित मात्रा में लिया गया सोया हर किसी के लिए नुकसानदायक नहीं होता। समस्या ज्यादा प्रोसेस्ड और पैकेट वाले सोया प्रोडक्ट्स से हो सकती है, जिनमें ज्यादा प्रोसेसिंग और एडिटिव्स होते हैं।

सिर्फ दवा नहीं, लाइफस्टाइल भी जरूरी

थायरॉइड के कई मरीज रोज सुबह दवा लेते हैं, लेकिन खानपान, नींद और तनाव पर ध्यान नहीं देते। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि लगातार तनाव, कम नींद और खराब लाइफस्टाइल भी TSH लेवल को बिगाड़ सकते हैं। इसके अलावा बहुत ज्यादा कच्ची स्मूदी या क्रैश डाइट लेना भी शरीर के मेटाबॉलिज्म को प्रभावित कर सकता है।

शरीर पहले ही देने लगता है संकेत

थायरॉइड की समस्या अचानक नहीं होती। शरीर पहले ही कई संकेत देने लगता है, जैसे-

  • हर समय थकान रहना
  • वजन तेजी से बढ़ना या घटना
  • बाल झड़ना
  • कब्ज की समस्या
  • महिलाओं में पीरियड्स अनियमित होना
  • दिल की धड़कन तेज होना

अगर ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए।

आयुर्वेद क्या कहता है?

आयुर्वेद के अनुसार थायरॉइड सिर्फ गले की ग्रंथि की बीमारी नहीं, बल्कि पूरे मेटाबॉलिज्म और पाचन तंत्र से जुड़ी समस्या है। खराब पाचन, तनाव और अनियमित लाइफस्टाइल शरीर में टॉक्सिन्स बढ़ाते हैं, जिससे हार्मोन असंतुलित हो सकते हैं।

क्या करें?

विशेषज्ञों के मुताबिक थायरॉइड में बिना सलाह के कोई भी चीज पूरी तरह बंद नहीं करनी चाहिए। संतुलित डाइट, अच्छी नींद, नियमित एक्सरसाइज और तनाव कम करना ज्यादा जरूरी है। अगर आपको थायरॉइड की समस्या है, तो इंटरनेट की हर सलाह मानने के बजाय डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट से सही डाइट प्लान बनवाना बेहतर रहेगा।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।