
Diabetes and Rice (photo- chatgtp)
Diabetes and Rice: डायबिटीज का पता चलते ही ज्यादातर लोग सबसे पहले अपनी डाइट से चावल हटाना शुरू कर देते हैं। अक्सर लोगों को लगता है कि चावल खाना मतलब ब्लड शुगर बढ़ाना। यही वजह है कि कई मरीज सालों तक चावल से दूरी बना लेते हैं। लेकिन क्या सच में डायबिटीज में चावल पूरी तरह बंद कर देना चाहिए? एक्सपर्ट्स कहते हैं कि इसका जवाब इतना आसान नहीं है।
जब हम चावल खाते हैं, तो शरीर उसे ग्लूकोज में बदल देता है। खासतौर पर पॉलिश किया हुआ सफेद चावल बहुत तेजी से पचता है और ब्लड शुगर अचानक बढ़ा सकता है। इसे हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स फूड माना जाता है। अगर कोई व्यक्ति सिर्फ सफेद चावल खाता है और उसके साथ फाइबर, दाल या सब्जियां नहीं लेता, तो शरीर में शुगर तेजी से बढ़ सकती है।
डॉक्टर राहुल यादव (फिजिशियन) ने बताया कि कई लोग इंटरनेट पर सलाह पढ़कर अचानक कार्बोहाइड्रेट खाना बंद कर देते हैं। लेकिन एक्सपर्ट्स के मुताबिक ऐसा करना शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। कार्ब्स कम होने पर शरीर में कमजोरी, चक्कर, चिड़चिड़ापन और मसल लॉस जैसी समस्याएं शुरू हो सकती हैं। कुछ मरीजों में ब्लड शुगर बहुत नीचे गिरने यानी हाइपोग्लाइसीमिया का खतरा भी बढ़ जाता है।
डॉक्टर राहुल यादव का कहना है कि शरीर को ऊर्जा के लिए संतुलित मात्रा में कार्बोहाइड्रेट की जरूरत होती है। इसलिए बिना डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के चावल पूरी तरह बंद नहीं करना चाहिए, क्योंकि चावल में कार्बोहाइड्रेट होता है। आपको खाना है या नहीं, खाना है तो कितना और किस रूप में? इन सवालों के जवाब आपकी स्थिति का आंकलन कर आपके डॉक्टर ही दे सकते हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक ब्राउन राइस, पुराना चावल या कम पॉलिश वाला सफेद चावल की तुलना में बेहतर विकल्प हो सकता है। इनमें फाइबर ज्यादा होता है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि डायबिटीज में सिर्फ एक चीज को दोष देना सही नहीं है। पूरी लाइफस्टाइल, एक्सरसाइज, वजन और खाने का संतुलन ज्यादा मायने रखता है। इसलिए अगर आपको डायबिटीज है, तो डर की वजह से चावल पूरी तरह बंद करने के बजाय डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट की सलाह लेकर सही मात्रा और सही तरीका अपनाना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
11 May 2026 12:34 pm
Published on:
07 May 2026 03:21 pm
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